UP Weather: लखनऊ में बारिश के बाद बढ़ी उमस, जानिए यूपी में कब दोबारा सक्रिय होगा मानसून

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हाल की बारिश के बाद अब उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। बारिश का दौर थमने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है और हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक कई इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना जताई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ी हैं, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 17 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और कुछ जिलों में भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।

इन जिलों में बारिश के आसार

पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर और आजमगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बीते 24 घंटों में अधिकांश मौसम केंद्रों पर बारिश न के बराबर दर्ज की गई। गाजियाबाद में 0.5 मिलीमीटर और मथुरा-वृंदावन में भी 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर अपेक्षाकृत बेहतर रहा। गोरखपुर में 11.7 मिलीमीटर और वहां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

राजधानी लखनऊ में बुधवार को अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक रहा। तापमान में बढ़ोतरी और हवा में नमी के कारण पूरे दिन उमस का असर बना रहा। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान प्रयागराज में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, यह राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। दूसरी ओर, सबसे कम न्यूनतम तापमान गोरखपुर में 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग की सलाह

आईएमडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, जिसके चलते अधिकांश जिलों में बारिश में कमी आई है। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है।

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