Kanpur News : करीबी रिश्तेदार ही बना 'घर का भेदी', रिटायर्ड ARTO ललित कुमार के खिलाफ ऐसे खुली भ्रष्टाचार की परतें
कानपुर के रिटायर एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ करीबी रिश्तेदार की शिकायतों के बाद विजिलेंस का शिकंजा कस गया। हमीरपुर थाने में बंद वैन की फिटनेस से लेकर 13 किलो सोना और 1.62 करोड़ रुपये नकद बरामदगी तक जानिए पूरा मामला।
कानपुर, अमृत विचार। कहते हैं कि जब कोई अपने घर का ही मुखबरी पर उतर आये तो कोई बचा नहीं सकता। कुछ ऐसा ही हुआ कानपुर संभागीय परिवहन कार्यालय में तैनात रहे आरआई और एआरटीओ के पद पर पदोन्नति पाये ललित कुमार के साथ। ललित कुमार के अति करीबी रिश्तेदार ने ही उनका ऐसा भेद खोला कि वह कहीं के नहीं रहे।
बताते हैं कि रिटायर एआरटीओ ललित कुमार की अपने एक अति करीबी रिश्तेदार से तनातनी चल रही थी, उक्त रिश्तेदार पिछले कई वर्षों से लिखा पढ़ी करके पूरी जानकारी सरकारी एजेंसियों से साझा कर रहा था जिससे एजेंसियों की नजर थी और मौका मिलते ही एजंसियों ने जब छापा मारा तो सारी बात सच निकली।
आरटीओ ऑफिस कानपुर में ललित कुमार जब आरआई के पद तैनात थे तो उनकी हनक कानपुर में चर्चा का विषय उस समय बनी थी जब उन्होंने 7 जून 2025 को हमीरपुर के एक थाने में बंद मारुति वैन नंबर यूपी 78 ईएम 1272 को फिटनेस प्रमाणपत्र दे दिया था ।
इस मामले की जांच होने पर ललित कुमार निलंबित कर दिये गये थे लेकिन उसके बाद भी इतने ठसक से आरटीओ ऑफिस आते थे कि लोग हैरत से उन्हें देखते थे। गौरतलब है कि लखनऊ स्थित रिटायर एआरटीओ ललित कुमार के घर पर 7 व 8 जुलाई को विजिलेंस ने छापा मारकर 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और 1.62 करोड़़ रुपये नकद बरामद किए हैं।
हमीरपुर थाने में बंद वैन की कानपुर से कर दी थी फिटनेस
रिटायर एआरटीओ ललित कुमार का नाम पहली बार तब सुर्खियों में आया था, जब कानपुर आरटीओ कार्यालय में आरआई रहते हुए 7 जून 2025 को हमीरपुर के एक थाने में जब्त खड़ी मारुति वैन (UP 78 EM 1272) का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया। जांच में अनियमितता मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब लखनऊ स्थित आवास पर विजिलेंस की छापेमारी में 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और 1.62 करोड़ रुपये नकद बरामद होने के बाद उनके पुराने मामलों की भी दोबारा चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियां उनके कार्यकाल से जुड़े अन्य मामलों की भी पड़ताल कर रही हैं।
