Explained: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता लागू, जानिए भारतीय उद्योगों को क्या-क्या मिलेगा फायदा
दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे इंतजार के बाद मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू हो गया है। इस समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के बाजार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर इस्पात (Steel) उद्योग को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि अब भारत हर साल 11 लाख टन से अधिक इस्पात का ब्रिटेन को शुल्क-मुक्त निर्यात कर सकेगा। यह समझौता व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) के नाम से लागू हुआ है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना, शुल्क घटाना और निवेश को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) तथा सामाजिक सुरक्षा समझौते के लागू होने को महत्वपूर्ण क्षण करार देते हुए कहा है कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे। श्री मोदी ने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के सोशल मीडिया पर इस समझौते के आज से लागू होने से संबंधित पोस्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए बुधवार को कहा कि समझौते का लागू होना भारत ब्रिटेन साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण क्षण है। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह भारत-यूनाइटेड किंगडम साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।
व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) तथा सामाजिक सुरक्षा समझौते के लागू होने के साथ ही हमारे आर्थिक संबंध और अधिक गहरे होने जा रहे हैं। ये दोनों ऐतिहासिक समझौते हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं को दोनों देशों के लोगों के लिए ठोस अवसरों में बदलते हैं।" उन्होंने कहा कि सीईटीए हमारे किसानों, उद्यमियों और एमएसएमई के लिए नई गति लेकर आएगा। अनेक उभरते हुए क्षेत्रों को ब्रिटेन के बाज़ार तक बेहतर पहुँच मिलेगी। यह प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाओं और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को भी और सुदृढ़ करेगा, साथ ही कुशल भारतीय प्रतिभाओं की अधिक गतिशीलता को भी प्रोत्साहित करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा समझौता ब्रिटेन में अस्थायी रूप से कार्यरत भारतीय पेशेवरों को अमूल्य सहयोग प्रदान करेगा तथा भारतीय उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा , "यह उपलब्धि हमारे दोनों लोकतंत्रों के बीच गहरे विश्वास तथा व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश और नवाचार पर आधारित भविष्य उन्मुख साझेदारी के निर्माण के प्रति हमारे साझा संकल्प का प्रतीक है। भारत और यूनाइटेड किंगडम साझा समृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे।" दोनों देशों ने पिछले वर्ष यह ऐतिहासिक समझौता किया था।
भारतीय स्टील निर्यातकों को कैसे मिलेगा फायदा?
ब्रिटेन की ओर से लगाए गए इस्पात सुरक्षा उपायों के कारण भारतीय निर्यातकों के सामने चुनौतियां थीं। बातचीत के बाद दोनों देशों ने इसका समाधान निकाला और भारत के लिए स्टील निर्यात का कोटा बढ़ाया गया।
समझौते के तहत
भारत को 1,68,029 टन का देश-विशिष्ट कोटा (CSQ) मिलेगा। इसके अलावा 9.45 लाख टन का विशेष कोटा अधिकृत उपयोग योजना (AUS) के तहत उपलब्ध होगा। कुल मिलाकर भारतीय कंपनियां 11 लाख टन से अधिक स्टील शुल्क-मुक्त निर्यात कर सकेंगी। इसके अलावा कुछ स्टील उत्पादों पर ब्रिटेन ने प्रतिबंधों में भी राहत दी है।
कौन से स्टील उत्पादों को फायदा मिलेगा?
भारत के कई प्रमुख स्टील उत्पादों को नए समझौते से लाभ मिलेगा। हॉट-रोल्ड शीट और स्ट्रिप श्रेणी में भारत का कोटा करीब तीन गुना बढ़ाया गया है। गैर-मिश्रधातु तार (Non-Alloy Wire) की कई श्रेणियों को सुरक्षा उपायों से बाहर किया गया है। मर्चेंट बार और लाइट सेक्शन तथा वेल्डेड ट्यूब जैसी श्रेणियों में भी कोटा बढ़ाया गया है। इससे भारतीय स्टील कंपनियों को ब्रिटेन के बाजार में ज्यादा अवसर मिलेंगे।
भारत-ब्रिटेन व्यापार को कितनी मिलेगी रफ्तार?
इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच वार्षिक व्यापार मौजूदा करीब 48 अरब पाउंड से बढ़कर दोगुना हो सकता है। इसके साथ ही लंबे समय में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को हर साल करीब 5 अरब पाउंड का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान जताया गया है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?
FTA का लाभ केवल स्टील तक सीमित नहीं रहेगा। कई उद्योगों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की संभावना है।
प्रमुख क्षेत्र
कपड़ा उद्योग
जूते-चप्पल उद्योग
इंजीनियरिंग उत्पाद
खाद्य प्रसंस्करण
स्वास्थ्य सेवाएं
वित्तीय सेवाएं
वैमानिकी क्षेत्र
इन क्षेत्रों में कारोबार बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
उद्योग जगत ने किया स्वागत
भारत और ब्रिटेन के कारोबारी संगठनों ने इस समझौते का स्वागत किया है। उद्योग जगत का कहना है कि शुल्क में कमी और बाजार तक आसान पहुंच से छोटे-बड़े कारोबारियों को फायदा मिलेगा। ब्रिटेन की सिटी ऑफ लंदन की लॉर्ड मेयर डेम सुसान लैंगली ने इसे व्यापार, निवेश और विस्तार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देगा।
भारत-ब्रिटेन FTA में क्या-क्या शामिल है?
भारत-ब्रिटेन CETA में कुल 30 अध्याय हैं। इनमें शामिल हैं
वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार
डिजिटल व्यापार
बौद्धिक संपदा अधिकार
सरकारी खरीद
तकनीकी बाधाएं
स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता नियम
