अमेरिकी एयर स्ट्राइक के बीच ईरानी प्रवक्ता का बड़ा आरोप, रातभर में 30 मौतें, 260 से ज्यादा लोग घायल
दुबई। ईरान सरकार ने दावा किया है कि हाल के दिनों में ईरान को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है। ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बुधवार को यह जानकारी दी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
हमलों की समय-सीमा पर स्थिति स्पष्ट नहीं
हाल के दिनों में ईरान को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं। हालांकि, प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने किन तारीखों के दौरान हुए हमलों में मारे गए लोगों का आंकड़ा बताया है। ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ जारी तनाव के दौरान हताहतों से जुड़े आंकड़े सीमित रूप से ही जारी किए हैं। ईरान सरकार की एक प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी।
ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि ईरान में रात भर हुए हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह तुरंत साफ नहीं हो पाया कि मोहाजेरानी किस समय-सीमा की बात कर रही थीं। अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के दौरान ईरान ने हताहतों की संख्या के आंकड़े कभी-कभार ही जारी किए हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों और जवाबी कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल, अमेरिकी हमलों और ईरानी दावों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। मामले से जुड़े अन्य अपडेट का इंतजार है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि रात भर हुए हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमैनपोर ने बुधवार को यह जानकारी दी। केरमैनपोर ने यह नहीं बताया है कि इस हमले में कितने लोग मारे गए हैं।
हालांकि, हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुए युद्ध के किसी भी हमले की तुलना में इस बार हताहतों की संख्या कहीं अधिक है। अमेरिका और ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह फारस की खाड़ी का वह संकरा मुहाना है, जहां से दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
