UP STF : आवेदन लेकर खुद देता था परीक्षा, सैकड़ों लोगों का बनवाया फर्जी लर्निंग लाइसेंस; STF ने बिजनौर से दबोचा
राज्य ब्यूरो, लखनऊ/अमृत विचार। एसटीएफ की बरेली इकाई ने बुधवार को लर्निंग लाइसेंस बनाने वाले एक आरोपी को बिजनौर के नटहौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी बहुत ही तकनीकी रूप से लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों का आवेदन स्वीकार करता था, स्वयं परीक्षा में बैठता था और तंत्र की व्यवस्था का अवैध फायदा उठाकर यूपी, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश तक के लोगों का लर्निंग लाइसेंस बना डाला। इसमें आरोपी ने लाखों की रुपए की कमाई भी की।
बरेली एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कॉदिर ने बताया कि फर्जी लाइसेंस बनाने की सूचना मिली थी। इस दौरान अपनी टीम के उपनिरीक्षक अजीत कुमार, उपनिरीक्षक अमित कुमार, मुख्य आरक्षी गिरिजेश पोसवाल को सूचनाओं के संकलन के लिए लगाया गया। पता चला कि जनपद बिजनौर के ग्राम फुलसंदा हीरा का रहने वाला इब्राहिम अंसारी फर्जी तरीके से विभिन्न राज्यों के व्यक्तियों के लर्निंग लाइसेंस अपने घर पर ही लैपटॉप पर तैयार करता है।
आवेदन अप्लाई करता है और लाइसेंस बनाकर बेचता है। यह काम वह परिवहन विभाग की वेवसाइट पर करता है। परीक्षा व्यक्तियों को न पासकर करके स्वयं पास करता है। चूंकी परीक्षा के समय आवेदक का कैमरे के सामने उपस्थित होना आवश्यक होता है, इसके लिए वह एक ट्रिक इस्तेमाल करता है।
इसके लिए पहले एक टेंपर मोंके नाम का एक्टेंशन ब्राउजर में एड किया जाता है। इस एक्सटेंसन पर एक जावा स्क्रिप्ट कोड जोड़ देता है। यह कोड सारथी परिवहन की वेवसाइट पर लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा देते समय वीडियो को बायपास कर देता है, व ई-केवाईसी से लिए गए आधार के फोटो का प्रयोग कर लर्निंग लाइसेंस परीक्षा का एक्सेस दे देता है। इस तह से वह स्वयं आवेदन करके व परीक्षा देकर आवेदन कर्ता का लर्निंग लाइसेंस अपने लैपटाप से बनाकर उसको वाट्सएप पर भेज देता है।
