Rae Bareli News : भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सांसद निधि का RO प्लान्ट, नौनिहालों की सूखी हलक, स्थापना के बाद से ही नहीं मिला पानी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

रायबरेली के खीरों स्थित श्री सरस्वती इंटर कॉलेज में सांसद निधि से 5 लाख रुपये की लागत से बना RO प्लांट दो साल बाद भी चालू नहीं हो सका। करीब 1000 छात्र-छात्राएं शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। विद्यालय ने जल निगम पर लापरवाही और अनियमितता के आरोप लगाए हैं।

खीरों (रायबरेली) अमृत विचार। रायबरेली जिले के खीरों कस्बे स्थित श्री सरस्वती इंटर कॉलेज में सांसद निधि से करीब 5 लाख रुपये की लागत से लगाया गया आरओ (RO) प्लांट भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। स्थापना के करीब दो वर्ष बाद भी प्लांट से एक दिन भी छात्रों और शिक्षकों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल सका।

करीब एक हजार छात्र-छात्राओं वाले इस विद्यालय में आरओ प्लांट अब केवल शोपीस बनकर रह गया है। विद्यालय प्रशासन का आरोप है कि जल निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायत पत्र दिए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में बच्चों को आज भी पुराने और जर्जर आरओ प्लांट के सहारे ही पेयजल मिल रहा है।

करीब एक हजार छात्रों को नहीं मिल रहा शुद्ध पेयजल

विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है, जहां लगभग एक हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण वह पीने योग्य नहीं है। विद्यालय में करीब दो दशक पहले सांसद निधि से स्थापित पुराना आरओ प्लांट अब जर्जर हो चुका है। इसी समस्या को देखते हुए वर्ष 2024-25 में तत्कालीन सांसद सोनिया गांधी की सांसद निधि से नया आरओ प्लांट लगाने के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वर्ष 2025 में जल निगम ने प्लांट तो स्थापित कर दिया, लेकिन आज तक उसे चालू नहीं कराया जा सका।

5 लाख की लागत पर उठे सवाल

विद्यालय के शिक्षकों का आरोप है कि कागजों में प्लांट के साथ 1000-1000 लीटर की दो पानी की टंकियां दर्शाई गई हैं, जबकि मौके पर केवल 250-250 लीटर की दो टंकियां लगी हैं। शिक्षकों का कहना है कि प्लांट को देखकर इसकी लागत एक लाख रुपये से अधिक नहीं लगती, जबकि विभाग ने इस पर पांच लाख रुपये खर्च होने का दावा किया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और लागत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

cats

कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश चौहान ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जल निगम के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि पुराना आरओ प्लांट भी न होता तो विद्यालय में बच्चों के लिए पीने के पानी का संकट और गहरा जाता।

राहुल गांधी की सभा से पहले चला 'दिखावा'?

प्रधानाचार्य के अनुसार, 19 मई को रायबरेली सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की जनसभा विद्यालय परिसर के पास आयोजित हुई थी। आरोप है कि सभा से पहले जल निगम के कर्मचारी पहुंचे और केवल केबिल जोड़कर प्लांट चालू होने का प्रदर्शन किया। जैसे ही जनसभा समाप्त हुई, कर्मचारी केबिल निकालकर अपने साथ ले गए और प्लांट फिर बंद हो गया। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह केवल औपचारिकता निभाने की कोशिश थी।

'चिराग तले अंधेरा' जैसी स्थिति

विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि पूर्व सांसद सोनिया गांधी की सांसद निधि से स्वीकृत योजना में कथित अनियमितताएं हुईं और प्लांट से महज 50 मीटर दूर राहुल गांधी की जनसभा भी हुई, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी का ध्यान इस समस्या की ओर नहीं गया। विद्यालय परिवार ने जल निगम से जल्द प्लांट चालू कराने की मांग की है।

क्या बोले जल निगम के अधिकारी?

जल निगम के क्षेत्रीय अवर अभियंता अमन सोनी ने बताया कि प्लांट स्थापित होने के बाद बंदरों ने बिजली की केबिल क्षतिग्रस्त कर दी थी। अब प्लांट को चालू करने के लिए अंडरग्राउंड केबिल डाली जानी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही केबिल बिछाकर आरओ प्लांट को संचालित कराया जाएगा।

एक नजर में पूरा मामला
  1. स्थान: श्री सरस्वती इंटर कॉलेज, खीरों (रायबरेली)
  2. योजना: सांसद निधि से आरओ प्लांट
  3. स्वीकृत राशि: 5 लाख रुपये
  4. स्थापना: वर्ष 2025
  5. लाभार्थी: करीब 1000 छात्र-छात्राएं
  6. स्थिति: स्थापना के बाद से एक दिन भी चालू नहीं हुआ
विद्यालय के आरोप
  1. कागजों में 1000 लीटर की दो टंकियां, मौके पर 250-250 लीटर की टंकियां।
  2. निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल।
  3. कई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं।
  4. राहुल गांधी की सभा से पहले प्लांट चलाने का केवल दिखावा किया गया।

संबंधित समाचार