'होर्मुज में भारतीय की मौत पर भड़का भारत', विदेश मंत्रालय का बयान, 'बेहद चिंतित, तुरंत बंद करें हमले'

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Published By Anjali Singh
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दुबई। ओमान के निकट सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील हॉर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 अन्य भारतीय नाविक घायल हो गए हैं। इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के और अधिक गहराने की आशंका बढ़ गई है। भारत सरकार ने इस घटना पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार सुबह दिल्ली में ईरानी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया और इस हमले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

ईरान ने दागीं क्रूज मिसाइलें, टैंकरों में लगी आग

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, उसके दो राष्ट्रीय तेल टैंकर 'एमटी अल बहियाह' (MT Al Bahiyah) और 'एमटी मोम्बासा' (MT Mombasa) ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हॉर्मूज जलडमरूमध्य के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान की ओर से इन पर दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं। मिसाइल हमले के बाद दोनों टैंकरों में भीषण आग लग गई और वे क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, बाद में आग पर काबू पा लिया गया। यूएई ने इस "खुले हमले" की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। यूएई ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है।

भारतीय नाविक हताहत 

दोनों व्यापारिक जहाजों पर सवार कुल 46 चालक दल के सदस्यों में से 30 नाविक भारतीय थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, एमटी अल बहियाह (MT Al Bahiyah जहाज पर कुल 12 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से एक भारतीय की हमले में दुखद मृत्यु हो गई है और एक अन्य नाविक घायल हुआ है।

वही एमटी मोम्बासा MT Mombasa पोत पर 18 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 9 नाविक घायल हुए हैं। घायलों में से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष के बीच अब तक कुल 11 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। पिछले महीने भी पलाऊ के ध्वज वाले टैंकर 'एमटी सेट्टेबेलो' पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।

भारत ने जताई गहरी चिंता

भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए इस हमले को भारत सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरानी दूतावास के मिशन उप प्रमुख (राजनयिक) को तलब किया और हमले के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसकी तीखी निंदा की।

ईरान के राजनयिक को किया तलब

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा, "भारत हॉर्मूज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त और सुरक्षित नौवहन को बाधित करने वाले इन हमलों तथा नाविकों को निशाना बनाने वाली हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा करता है। हम पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और शत्रुता बढ़ने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।"

भारत ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में हिंसा को तुरंत रोकने और कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की है। मंत्रालय ने साफ किया कि वाणिज्यिक नौवहन और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए।

राहत और बचाव कार्य जारी

यूएई में स्थित भारतीय दूतावास और मिशन लगातार स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं ताकि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सके और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाई जा सके। भारत ने दिवंगत नागरिक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

तनाव के पीछे की वजह

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मूज जलडमरूमध्य में ईरान की नाकेबंदी को फिर से लागू करने और सुरक्षित मार्ग के बदले अन्य जहाजों से शुल्क लेने का संकेत दिया था, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और यूएई से जुड़े इन दोनों टैंकरों को निशाना बनाकर यह जवाबी कार्रवाई की।

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