पयागपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान: 'योगी आदित्यनाथ संत नहीं, राजनेता हैं', गौ संरक्षण पर भी सरकार को घेरा
गौ संरक्षण और जनजागरण यात्रा के दौरान पयागपुर पहुंचे शंकराचार्य; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गौ संरक्षण और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर रखी अपनी बात
पयागपुर (बहराइच)। गौ संरक्षण और जनजागरण यात्रा पर निकले ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का पयागपुर पहुंचने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया। नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव उर्फ विपिन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया तथा चरण पादुका पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्वागत कार्यक्रम के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार और विभिन्न धार्मिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वह उन्हें संत नहीं, बल्कि एक राजनेता मानते हैं। उनका तर्क था कि सरकार से वेतन लेने वाला व्यक्ति संत की परंपरा का पालन नहीं करता।
गौ संरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अभी लगभग आठ महीने का समय शेष है और इस दौरान सरकार को अपनी प्राथमिकताओं में सुधार करते हुए गाय को 'राष्ट्रमाता' घोषित करना चाहिए। उन्होंने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना कहा कि यदि कोई सरकार ऐसा नहीं कर पाती है तो जनता चुनाव में उसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दे सकती है।
राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में शंकराचार्य ने इसे एक सुनियोजित योजना बताया। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि मीडिया में ऐसा कोई आधिकारिक इस्तीफा सार्वजनिक नहीं हुआ है।
अपने दौरे के दौरान शंकराचार्य ने पयागपुर क्षेत्र में गौसेवा और जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बसंत सिंह को अपना आधिकारिक प्रतिनिधि नियुक्त किया।
कार्यक्रम में मलिक राम शर्मा, सत्य प्रकाश, कमल निगम, सभासद विजय गौतम, विवेक रावत, मसूद आलम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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