इस्तीफे के बाद भी 'पावरफुल' रहेंगे चंपत राय और गोपाल राव ? ट्रस्ट की आगामी बैठक में हो सकता है बड़ा ऐलान
ट्रस्ट की आगामी बैठक में हो सकती है इसकी घोषणा, संघ व विहिप कर रहा पैरवी
अयोध्या कार्यालय, अमृत विचार : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे व विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को निकाले जाने के बाद भी उन्हें नकारना आसान नहीं लग रहा है। सूत्र बताते हैं कि संघ व विहिप द्वारा दो पदाधिकारियों की नई भूमिका के लिए पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि ट्रस्ट की आगामी बैठक में इसकी घोषणा भी की जा सकती है।
ट्रस्ट के गठन के बाद से ही चंपत राय ने राम मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंदिर में अब तक आयोजित सभी समारोहों को भव्यता के साथ संपन्न कराने में उनका मुख्य योगदान रहा है। इसका अंदाजा ट्रस्ट के अन्य सभी पदाधिकारियों के साथ विहिप, आरएसएस के बड़े नेताओं को भी है। उनकी ताकत व योग्यता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस्तीफे के बाद भी वह तीर्थ भवन में जमे हुए हैं।
नव नियुक्त पदाधिकारी भी उनसे राय मशवरा कर कार्य कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके समर्थन में विहिप व आरएसएस के साथ ट्रस्ट के कुछ महत्वपूर्ण पदाधिकारी भी उनके साथ खड़े दिख रहे हैं। नव नियुक्त अंतरित महासचिव कृष्ण मोहन भी उनके दिशा-निर्देश पर व्यवस्था में आगे बढ़ रहे हैं।
दूसरी ओर गोपाल राव भी आरएसएस के पसंद बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें संघ ने ही ट्रस्ट में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाकर एंट्री करवाई थी। हालांकि ट्रस्ट ने उन्हें इस पद से हटा दिया है, इसके बावजूद वह अभी भी सक्रिय दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि इन दोनों को ट्रस्ट में पदाधिकारी भले ही न बनाया जाए लेकिन अन्य किसी भूमिका में जरूर रखा जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि 22 जुलाई को आयोजित ट्रस्ट की बैठक में इसकी घोषणा भी की जा सकती है।
