Pratapgarh News : आंगनबाड़ी सहायिका चयन सूची पर मार्कर चलाने से मचा बवाल, डीएम ने मौके पर पहुंचकर जांच के दिए आदेश
प्रतापगढ़, अमृत विचार : बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर चयनितों की चस्पा सूची पर हेरफेर से बचने के लिए मार्कर चला दिया गया। इसकी हकीकत देखने गुरुवार को डीएम अभिषेक पांडेय विकास भवन पहुंच गए। चयनितों की सूची पर चला मार्कर देख उन्होंने सीडीओ को बुलाकर नाराजगी जताई। कहा कि इस तरह से मार्कर चलाना पूरी चयन प्रक्रिया पर संदेह खड़ा करता है। उन्होंने सीडीओ से मानधाता के पनियारी गांव में चयनित सहायिका के प्रकरण की जांच कर पूरी रिपोर्ट मांगी।
विकासखंड मानधाता के पनियारी गांव में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर हाल ही में रानी पटेल का चयन कर दिया। दूसरी आवेदक गांव की अचला सिंह ने शिकायत करते हुए बताया कि रानी पटेल के आवेदन में लगाया गया आय प्रमाण पत्र तीन वर्ष पहले का है ऐसे में वह एक्सपायर हो चुका है।
मामले में एडीएम को भेजी गई आख्या में जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य ने आय प्रमाण पत्र का नम्बर ही बदल दिया। यही नहीं अपनी जांच रिपोर्ट की पुष्टि करने और हेरफेर से बचने के लिए उन्होंने विकास भवन में चस्पा की गई चयनितों की सूची के आय प्रमाण पत्र के क्रमांक वाले कालम पर काले रंग का मार्कर चलवा दिया। हालांकि मार्कर चलाने के बाद भी आय प्रमाण पत्रों का क्रमांक स्पष्ट पढ़ा जा सकता है।
वहीं गुरुवार को शिकायतकर्ता अचला सिंह ने कलक्ट्रेट में जन सुनवाई कर रहे डीएम के समक्ष पेश होकर पूरी बात बताते हुए न्याय की गुहार लगाई। डीएम चयनितों की सूची पर मार्कर चलाने की पुष्टि करने के लिए शिकायत कर्ता को लेकर विकास भवन पहुंच गए। चयनितों की पूरी सूची पर मार्कर चलाने की पुष्टि होने पर उन्होंने सीडीओ को बुलाकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मार्कर चलाने से यह स्पष्ट होता है कि पूरी चयन प्रक्रिया में अनियमितता की गई है। डीएम ने सीडीओ को पनियारी गांव के चयन की निष्पक्ष जांच कर निस्तारण करने का निर्देश दिया।
डीएम के पहल से बढ़ी न्याय की उम्मीद
गुरुवार को मानधाता के पनियारी गांव की अचला सिंह की शिकायत पर डीएम अभिषेक पांडेय की सक्रियता और सख्ती की चर्चा पूरे दिन कलक्ट्रेट से विकास भवन तक होती रही। डीएम की इस पहल से तमाम फरियादियों में न्याय की उम्मीद बढ़ गई है। फिलहाल पनियारी गांव की आंगनबाड़ी सहायिका के चयन का प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। कारण अभी तक अपने बचाव में प्रस्तुत किए गए बाल विकास विभाग के सभी ध्वस्त हो चुके हैं।
