Lucknow Health Ranking: एनएचएम हेल्थ रैंकिंग में लखनऊ मंडल बना नंबर-1, जिला 44वें से सीधे पहले स्थान पर पहुंचा
मई 2026 की एनएचएम हेल्थ डैशबोर्ड रिपोर्ट में लखनऊ मंडल ने 18 मंडलों में पहला स्थान हासिल किया। पूर्ण टीकाकरण में भी प्रदेश में अव्वल प्रदर्शन, जबकि परिवार नियोजन और सिजेरियन प्रसव दर में सुधार की बनेगी विशेष कार्ययोजना।
लखनऊ, अमृत विचार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मई 2026 की मासिक हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड रिपोर्ट में लखनऊ मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पहला स्थान प्राप्त किया है। मंडल ने 0.66 कंपोजिट स्कोर हासिल कर विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया।
लखनऊ जिले ने दर्ज किया सबसे बड़ा सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ जिले ने अप्रैल में 44वें स्थान पर रहने के बाद मई 2026 की रैंकिंग में प्रदेश के 75 जिलों में पहला स्थान हासिल किया। यह इस अवधि में सबसे अधिक सुधार करने वाला जिला भी बना।
इसके अलावा रिवर्सिबल मेथड प्रति 1000 एलिजिबल कपल (ईसी) संकेतक में 425.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर लखनऊ ने प्रदेश में सबसे बेहतर सुधार का रिकॉर्ड बनाया।
पूर्ण टीकाकरण में भी मिला पहला स्थान
लखनऊ मंडल ने पूर्ण टीकाकरण के संकेतक में 98.78 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। इस श्रेणी में बीसीजी, पेंटावैलेंट-1, पेंटावैलेंट-2, पेंटावैलेंट-3 और खसरा टीकाकरण को शामिल किया गया।
वहीं पेंटावैलेंट-3 और बीसीजी अनुपात के संकेतक में 1.29 स्कोर के साथ मंडल प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा।
मंडल के जिलों में लखनऊ पहले, हरदोई दूसरे और उन्नाव तीसरे स्थान पर रहे। जबकि रायबरेली, सीतापुर और लखीमपुर खीरी में कुछ स्वास्थ्य संकेतकों पर सुधार की आवश्यकता बताई गई है।
परिवार नियोजन और सिजेरियन प्रसव पर रहेगा विशेष फोकस
रिपोर्ट में परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों को अपनाने के मामले में और सुधार की जरूरत बताई गई है। इन संकेतकों में लखनऊ मंडल की रैंक क्रमशः 10वीं और 9वीं रही।
इसके अलावा जिला चिकित्सालयों में सिजेरियन प्रसव दर के मामले में मंडल को प्रदेश में सातवां स्थान मिला। विशेष रूप से लखीमपुर खीरी में इस माह सिजेरियन प्रसव का प्रतिशत शून्य दर्ज होने पर चिंता व्यक्त की गई है।
कमजोर क्षेत्रों के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना
स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक, लखनऊ मंडल डॉ. जी.पी. गुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य प्रबंधकों, ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीमों और फील्ड स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि आगामी महीनों में परिवार नियोजन और सिजेरियन प्रसव से जुड़े संकेतकों में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाएगी। साथ ही कम प्रदर्शन वाले जिलों की नियमित समीक्षा कर उनके प्रदर्शन में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
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