Bareilly News : बरेली मंडल उभरता औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब
आईआईए-यूपीसीडा उद्योग संवाद से एमएसएमई को मिली नई उड़ान, यूपी-उत्तराखंड में 25 सौ करोड़ से अधिक निवेश की संभावनाएं
बरेली, अमृत विचार। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और यूपीसीडा की संयुक्त पहल पर आयोजित उद्योग संवाद में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने की रणनीति पर चर्चा हुई। उद्योग जगत ने इस पहल से 25 सौ करोड़ से अधिक के संभावित निवेश, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि की उम्मीद जताई। कार्यक्रम में बरेली मंडल को भविष्य का प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक हब बताया गया।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और यूपी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) ने उत्तराखंड के रुद्रपुर के एक होटल में बुधवार रात यूपी एवं उत्तराखंड में उद्योगों के मध्य रणनीतिक क्रॉस-इन्वेस्टमेंट के माध्यम से राष्ट्रीय निर्यात वृद्धि विषय पर संवाद का आयोजन किया। आईआईए के अध्यक्ष दिनेश गोयल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 125 से अधिक उद्योगपतियों, निर्यातकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच निवेश, तकनीकी साझेदारी, वेंडर डेवलपमेंट, सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण और निर्यात को बढ़ावा देना था।
बरेली मंडल में विकसित होंगे नए औद्योगिक क्षेत्र
यूपीसीडा बरेली मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार ने बताया कि पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, संभल और बहेड़ी में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजना पर काम चल रहा है। इन क्षेत्रों को सेक्टर-विशिष्ट इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किए जाने की संभावना है, जिससे विशेष रूप से ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और बड़े निवेश आकर्षित होंगे।
निवेशकों के लिए नई संभावनाएं
इन्वेस्ट यूपी के महाप्रबंधक (निवेश) अनिरुद्ध क्षेत्रीय ने बताया कि पीलीभीत और रामपुर में 2.5 एकड़ या उससे अधिक भूमि की आवश्यकता वाले निवेशकों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वहीं दिनेश गोयल ने कहा कि बरेली अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, बेहतर सड़क एवं रेल कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि और विकसित होते औद्योगिक ढांचे के कारण तेजी से मैग्नेट सिटी के रूप में उभर रहा है।
बरेली चैप्टर की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में आईआईए बरेली चैप्टर का प्रतिनिधित्व निवर्तमान चेयरमैन मयूर धीरवानी, कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता, पूर्व चेयरमैन एसके सिंह, अंकित सिंघल, वरदान अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगों से जुड़े व्यावहारिक सुझाव और समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं और समाधानोन्मुख चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के अंत में आईआईए बरेली चैप्टर ने यूपीसीडा, इनवेस्टर यूपी और उत्तराखंड इकाई के पदाधिकारियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे उद्योग संवाद एमएसएमई क्षेत्र को नई तकनीक, नई नीतियों और वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
