राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला : आठ नामजद पर एफआईआर, अब सीओ अयोध्या करेंगे मामले की विवेचना
अपराध संख्या 90/2026 में ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, फिलहाल केवल चढ़ावे की धनराशि में गबन की जांच; जमीन और जेवरात का मामला अभी शामिल नहीं।
अयोध्या, अमृत विचार: श्रीराम मंदिर चढ़ावे में घपले के प्रकरण पर थाना राम जन्मभूमि ने ट्रस्टी कृष्णमोहन की तहरीर पर आठ नामजद व अन्य अज्ञात पर केस दर्ज किया है। इसकी विवेचना सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को सौंपी गई है। इसे पहली कार्रवाई माना जा रहा है, ट्रस्टी द्वारा दी गई तहरीर में सिर्फ गणना प्रक्रिया में कुछ कर्मियों द्वारा चढ़ावा धनराशि का आपराधिक ढंग से चोरी करने का आरोप गया है।
ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच आख्या व उपलब्ध साक्ष्य के परीक्षण से यह तथ्य स्पष्ट रूप से प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया के दौरान कुछ कर्मियों द्वारा चढ़ावा धनराशि की चोरी आपराधिक ढंग से की गई है।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में वर्णित तथ्यों के आधार पर अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष याउव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव व रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करना आवश्यक है। जानकारी के अनुसार ट्रस्टी कृष्ण मोहन स्वयं तहरीर लेकर थाने पर उपस्थित नहीं हुए। यह तहरीर पहले अपर सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी गई, उनके निर्देश पर गुरुवार शाम करीब 7:21 बजे थाना राम जन्मभूमि में मुकदमा दर्ज हुआ।

आरोपियों के पिता का नाम व पता अज्ञात, उठे सवाल
ट्रस्ट द्वारा दी गई तहरीर में व पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में सिर्फ आरोपियों का नाम है, जबकि उनके पिता का नाम पता अज्ञात दर्ज है। इस पर भी चर्चाएं हो रही है कि सभी मंदिर परिसर में कार्यरत सेवादार या बैंककर्मी हैं, इसके बाद भी ट्रस्ट को इनका पता मालूम नहीं है। एसआईटी ने भी अपनी प्राथमिक जांच में इन खामियों को पाया था कि मंदिर परिसर में कार्यरत सेवादार व कर्मियों का पूरा विवरण ट्रस्ट के पास नहीं हैं। पुलिस सत्यापन कराना दूर की बात है।
लगी हैं यह धाराएं, किसमें कितनी है सजा
- धारा 305 बीएनएस-आवासीय घर, पूजा स्थल या वाहन की चोरी-सात साल की कैद व जुर्माना।
- धारा 306 बीएनस-कर्मचारी या सेवादार द्वारा चोरी-सात साल की कैद व जुर्माना।
- धारा 316 (5) बीएनएस-विश्वासघात करना-10 साल की कैद व जुर्माना।
- धारा 317 (4) बीएनएस-चोरी की संपत्ति को रखना व उससे कारोबार करना-उम्र कैद या 10 साल की सजा।
- धारा 317 (5) बीएनएस-चोरी की संपत्ति को छिपाना या ठिकाने लगाना-तीन साल की जेल व जुर्माना।
- धारा 61 बीएनएस-आपराधिक साजिश-अपराध के आधार पर सजा।
- धारा 3 (5) बीएनएस-कई लोगों द्वारा मिलकर अपराध करना।
- धारा 13 (1) (ए) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-सरकारी कर्मी द्वारा पद व पैसे का दुरुपयोग करना-कम से कम चार, अधिकतम 10 साल की सजा।
जमीन क्रय विक्रय व जेवरातों के गबन का जिक्र नहीं
दर्ज एफआईआर में सिर्फ दान राशि की चोरी करने वाले गणना से जुड़े कर्मियों के ही नाम है। कृष्ण मोहन द्वारा दी गई तहरीर में जमीन क्रय विक्रय व जेवरातों के गबन से संबंधित कोई आरोप नहीं लगाया गया है। ऐसा इसलिए है कि एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में सिर्फ गणना चोरी होने के साक्ष्य संकलित किए हैं। जानकारी के अनुसार एसआईटी की आगे की जांच का मुख्य विषय अब जमीन व जेवरात से जुड़ा होगा। इसमें अभी समय लग सकता है, इसके लिए एसआईटी जांच सीमा बढ़ा सकती है।
यह हैं चढ़ावा चोरी के आठ आरोपी
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू- अयोध्या धाम के स्वर्ग द्वार मोहल्ले निवासी। इनकी जिम्मेदारी थी दानपात्रों की देखरेख, उन्हें बेसमेंट तक पहुंचाना। आरोप है कि दानपात्र से करोड़ों रुपये गबन किए, अयोध्या और आसपास के जिलों में संपत्तियां बनाई।
अनुकल्प मिश्रा- निवासी कौशलपुरी कॉलोनी मानस डेंटल के बगल थाना कोतवाली नगर। इनकी जिम्मेदारी गणना कक्ष में रुपयों की गिनती में शामिल रहना था। आरोप है कि चढ़ावे की चोरी करके रुपये बाथरूम में छिपाता था। लाखों की संपत्तियां बनाईं।
लवकुश मिश्रा- निवासी ठकुराइन खगोली कोतवाली रुदौली। चढ़ावे-नकदी की काउंटिंग स्टाफ का सदस्य रहा। आरोप है कि चढ़ावा चोरी करके करोड़ों की संपत्तियां बनाई, घर से 12 लाख बरामद।
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव- बैंक कॉलोनी अंजनीपुरम कोतवाली नगर के निवासी। बैंक से रिटायर्ड, यूनियन नेता भी रहे। इनकी जिम्मेदारी कैश काउंटिंग स्टाफ को संभालना। आरोप है कि निगरानी में लापरवाही बरती। दान में आए रुपयों की चोरी में शामिल।
करुणेश पांडेय- निवासी जयराजपुर थाना खंडासा। इनकी जिम्मेदारी दान के रुपये को कक्ष तक लेकर आना और उसकी गणना करना। आरोप है कि दान में आए रुपयों को चोरी करता था। अयोध्या के आसपास संपत्तियां खरीदीं।
मनीष यादव- टिन्नू यादव का भतीजा है, स्वर्गद्वार में रहता है। इनकी जिम्मेदारी दानपात्रों में आने वाले चढ़ावे की गिनती करना। मंदिर के चढ़ावे की चोरी करने का आरोप, घर से 36 लाख बरामद।
अविनाश शुक्ला- निवासी कौशलपुरी मधुबन डेरी के पास थाना कोतवाली नगर। इनकी जिम्मेदारी दान के रुपयों को कक्ष तक लेकर आना और उसकी गणना करना था। आरोप है कि घपला कर अयोध्या के आसपास संपत्तियां खरीदीं।
रमाशंकर मिश्रा- निवासी प्राचीन सीताराम मंदिर नया घाट कोतवाली अयोध्या। इनकी जिम्मेदारी दानपात्रों को गणना कक्ष तक लेकर आना व उनकी निगरानी करना था। आरोप है कि आरोपियों के साथ मिलकर दान में आए रुपयों में हेराफेरी करता था।
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