राम मंदिर चढ़ावा मामला : चंपत राय का करीबी रहा टिन्नू कैसे बना सबसे चर्चित आरोपी, जलपान की दुकान से शुरू हुआ सफर, मंदिर में बढ़ा रसूख
90 के दशक से विहिप से जुड़ा, बना चंपत राय का खास
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में आरोपी बने रामशंकर उर्फ टिन्नू की कहानी। टैक्सी चालक से ट्रस्ट के प्रभावशाली सहयोगी बनने और जेल पहुंचने तक का सफर।
अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर चढ़ावे में विवाद के बाद से सबकी जुबान पर जो नाम है, वह है रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू। हाथ में वाकी टॉकी, मंदिर में बिना रोकटोक अपनी एसयूवी से कहीं भी आना-जाना, सुरक्षाकर्मियों पर भी रौब डालने वाला यह शख्स श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का सबसे करीबी सहयोगी बताया जाता है। चढ़ावे में गबन का आरोपी बनने के बाद इस साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से करोड़पति बनने तक उसकी कहानी भी अब सबके जुबान पर है।
स्वर्गद्धार स्थित पैतृक निवास में रहने वाला टिन्नू दो दशक पहले नयाघाट स्थित जलपान की छोटी दुकान पर अपने पिता का हाथ बंटाता था। ऑटो चलाया फिर टैक्सी ड्राइवर बना टिन्नू आज करोड़ों की संपदा का मालिक है। उसकी पहचान मंदिर परिसर के प्रमुख मैन पॉवर मैनेजमेंट के रूप में है। मंदिर से बैंकों तक चढ़ावे का दान पहुंचाने की जिम्मेदारी भी वहीं संभालता था। यहां तक दानपात्र व सेफ हाउस की चाबी भी उसी के पास होती थी। बताया जाता है कि आज उसके पास अवध विवि में बहुमंजिला हॉस्टल, यहीं पास में करोड़ों की बेशकीमती जमीन भी है। यही नहीं व दर्जन भर होटल, रेस्टारेंट व गेस्ट हाउस का पार्टनर भी है।
जानकारों के अनुसार उसकी विहिप में एंट्री 1990 के दशक में हुई। शुरू में वह राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी नेता स्व. रामचंद्र परमहंस दास व अशोक सिंघल के वाहन का चालक रहा। बाद में चंपत राय के वाहन की स्टीयरिंग संभाल ली। यही से वह उनका खास बना। मंदिर निर्माण के दौरान हर कार्य के लिए टिन्नू को ही पूछा जाता था। बाद में वह मंदिर में भक्तों द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन की कोर टीम का अहम हिस्सा बन गया। यहीं से उस पर करोड़ों गबन करने का आरोप लगा। एसआईटी जांच में उसे बड़ा आरोपी माना गया, उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ, अब जेल पहुंच गया है।
