राममंदिर 'चढ़ावा लूट' एक्शन: ''अमृत विचार'' में खुलासे के बाद SIT ने विहिप नेता दीनानाथ वर्मा से मांगे सबूत, चंपत राय समेत दिग्गजों से फिर होगी पूछताछ
धीरेंद्र सिंह, लखनऊ, अमृत विचार: राममंदिर में चढ़ावे की नकदी-जेवरात में लूट समेत निर्माण कार्यों में अनियमितताओं को लेकर शुक्रवार को प्रकाशित ‘अमृत विचार’ की विशेष रिपोर्ट के बाद जांच की रफ्तार तेज हो गई है। विश्व हिंदू परिषद से जुड़े सेवानिवृत्त इंजीनियर दीनानाथ वर्मा से एसआईटी ने संपर्क कर साक्ष्य और दस्तावेज मांगे हैं। वर्मा ने कहा है कि उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं, वे तथ्यों पर आधारित हैं और आवश्यकता पड़ने पर शपथपत्र देकर अपना पक्ष रखेंगे। पूरे मामले में ट्रस्ट अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास सबसे अधिक मर्माहत हैं, अयोध्या में उनसे मिलकर मुख्यमंत्री योगी ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
रामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे दीनानाथ वर्मा ने ''अमृत विचार'' से विशेष बातचीत में मंदिर निर्माण और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके बयान सामने आने के बाद अयोध्या से लेकर लखनऊ, दिल्ली और नागपुर तक भाजपा, संघ परिवार, विश्व हिंदू परिषद और ट्रस्ट से जुड़े हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसका असर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या में रुदौली से लेकर राममंदिर में दर्शन-पूजन और दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में दिखा। मणिरामदास छावनी के बंद कमरे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास को 88वें जन्मोत्सव की बधाई देते वक्त इस कलंक पर सीएम योगी के तेवर बेहद तल्ख थे। उन्होंने किसी को नहीं बख्शे जाने का भरोसा दिया। महंत नृत्य गोपाल दास को शुरुआत से ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किनारे कर रखा था, यह सभी को पता है। ऐसे में चढ़ावा और चंदा में धन की लूट से सबसे ज्यादा गुस्से में वही दिख रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने खुलेआम मंच से भी एलान किया कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। एसआईटी की रिपोर्ट आने तक ऐसी कोई बयानबाजी न हो, जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हो। यदि किसी के पास डाक्यूमेंट्री प्रूफ हो तो एसआईटी को उपलब्ध करा दें। हमारे पूर्वजों ने प्रभु के स्थान के लिए मर्यादित रहते हुए 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, 15 दिन और इंतजार कर लें। अगर कोई अपराधी है तो यह सुनिश्चित है कि वह कोई भी हो, बचेगा नहीं।
दीनानाथ के आरोपों पर एसआईटी जांच में आई तेजी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार द्वारा तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का नेतृत्व कर रहे लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने शुक्रवार को दीनानाथ वर्मा को जांच में शामिल करने का निर्णय लिया। जांच टीम के सदस्य आईजी किरण एस. की ओर से फोन करके उनसे सहयोग मांगा गया। उधर, एसआईटी की ओर से सीज किए गए सबूतों में करीब 12 पेनड्राइव में सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ को लेकर जिम्मेदारों की सूची बन रही है। अब तक 150 से ज्यादा कर्मचारियों, सेवादारों और अकाउंट स्टाफ से पूछताछ की जा चुकी है।
चंपत, अनिल और गोपाल से फिर हो सकती पूछताछ
एसआईटी सूत्रों के मुताबित विहिप से जुड़े सेवानिवृत इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के आरोपों के बाद जल्द ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र और निर्माण सहायक गोपाल राव को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। दीनानाथ के बयान से पहले इन बड़ों की संदिग्ध भूमिका को लेकर कोई तथ्यात्मक आरोप सामने नहीं आए थे। इस बीच मुख्यमंत्री ने 15 वें दिन बाद यानि 5 जुलाई तक बड़ी कार्रवाई की समय सीमा तय कर दी है।
