दुधवा-पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बढ़ा पर्यटन सीजन, मानसून देरी के चलते 30 जून तक कर सकेंगे सफारी

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के टाइगर रिजर्व में पर्यटन सीजन को 30 जून तक बढ़ा दिया है। अब पर्यटक 15 जून की तय तारीख के बजाय महीने के अंत तक बाघों और जंगल की सैर कर सकेंगे। इस बार टाइगर रिजर्व सामान्य से 15 दिन पहले ही खुल गए थे। आमतौर पर 15 नवंबर को खुलने वाले दुधवा, पीलीभीत, अमांगढ़ और रानीपुर टाइगर रिजर्व के गेट एक नवंबर 2025 को खोल दिए गए थे। 30 जून को बंद होने से 2025-26 का सीजन सामान्य से 30 दिन लंबा हो गया है।

4 टाइगर रिजर्व के गेट 30 जून तक खुले रहेंगे

उत्तर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने गुरुवार को बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, अमांगढ़ टाइगर रिजर्व और रानीपुर टाइगर रिजर्व अब 30 जून तक पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए और अधिकारियों से चर्चा के बाद यह फैसला लिया है। मानसून अभी राज्य में नहीं आया है, इसलिए सफारी सुरक्षित हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर पी.पी. सिंह ने कहा, "30 जून तक बढ़ाई गई तारीख के आदेश के अनुसार सभी सुविधाएं पर्यटकों के लिए जारी रहेंगी।" 

यूपी वन विभाग ने जारी किया नया आदेश

इस सीजन में दुधवा टाइगर रिजर्व में अब तक 80 हजार से अधिक भारतीय और विदेशी पर्यटक आ चुके हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि 30 जून तक 10 से 15 हजार और लोग पहुंचेंगे। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब तक 46,386 भारतीय और 246 विदेशी पर्यटक आ चुके हैं। पीलीभीत बाघों के अलावा पक्षी दर्शन, वन्यजीव फोटोग्राफी और शारदा नदी में नाव व बीच गतिविधियों के लिए भी मशहूर है। 

टाइगर रिजर्व में बढ़ा पर्यटन सीजन

अधिकारियों ने कहा कि अगले दो हफ्तों तक मौसम पर्यटकों के लिए अनुकूल और सुरक्षित लग रहा है, इसलिए सीजन बढ़ाया गया है। लेकिन अगर उन जिलों में बारिश हो गई जहां टाइगर सफारी होती हैं, तो पर्यटन गतिविधियां तुरंत रोक दी जाएंगी। उत्तर प्रदेश की सभी टाइगर सफारी तराई क्षेत्र में हैं, जहां मानसून शुरू होते ही जलभराव और कीचड़ के कारण जंगल के रास्ते असुरक्षित हो जाते हैं। अब प्रकृति प्रेमियों के पास जंगल की सैर, बाघों की तलाश और तराई के नजारों का लुत्फ उठाने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय है। मानसून दस्तक देते ही रिजर्व फिर से सालाना बंदी के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 

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