Kainchi Dham Foundation Day : नीम करोली बाबा के भक्तों का उमड़ेगा जनसमूह, एप्पल के संस्थापक से लेकर मार्क जुकरबर्ग तक हैं भक्तों में शामिल

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Published By Ateeq Khan
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15 जून को मनाया जाएगा कैंची धाम आश्रम का स्थापना दिवस, 1946 में नीम करोली बाबा ने रखी थी नींव 

कैंची धाम आश्रम का भव्य स्थापना दिवस समारोह मनाया जाएगा। प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 13 जून 16 जून तक के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक के लिए 1100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

अमृत विचार : उत्तराखंड का विश्व प्रिसद्ध कैंची धाम अपना भव्य स्थापना दिवस समारोह मनाने के लिए तैयार है। पुलिस-प्रशासन ने ट्रैफिक से लेकर सुरक्षा-व्यवस्था तक का खाका खींच दिया है। 15 जून को स्थापना दिवस है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स का पहरा रहेगा। कैंची धाम में 5 लाख से ज्यादा भक्तों का जनसमूह उमड़ने की संभावना है। भीड़ प्रबंधन की विशेष तैयारियां हैं। भक्तों को आश्रम तक ले जाने के लिए 200 से ज्यादा बसें लगाई गई हैं। निजी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। कैंची धाम का क्या है धार्मिक महत्व और यहां स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले मेले को लेकर पुलिस-प्रशासन ने किस तरह की तैयारियां की हैं, इस पर एक नजर डालते हैं।
 
कैंची धाम आश्रम की स्थापना 1946 को हुई थी। नीम करोली बाबा ने इसकी नींव रखी। तब से हर साल भव्य स्थापना दिवस समारोह मनाने का सिलसिला जारी है। देश-दुनिया के लाखों भक्त समारोह का हिस्सा बनते हैं। बाबा के दर्शन करने आते। 

कैंची धाम आश्रम नैनीताल से कुछ दूरी पर है। शिप्रा नदी के पास दो पहाड़ियों के बीच है। घुमावदार पहाड़ी रास्ते आश्रम तक ले जाते हैं। प्रकृति की गोद में बना यह आश्रम शांति और सुकून का पर्याय बन चुका है। 
  
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स से लेकर फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग तक नीम करोली बाबा के भक्तों में शुमार हैं। देश-विदेश से हर साल लाखों भक्त कैंची धाम दर्शन करने आते हैं। 

मानते हैं हनुमान जी के अवतार 


नीम करोली बाबा के भक्त उन्हें हनुमानजी का अवतार मानते हैं। कैंची धाम में तीन मुख्य मंदिर बने हैं, जिनमें माता वैष्णो देवी, हनुमान जी और नीम करोली बाबा का मंदिर शामिल है। यहां 15 जून को हर साल आश्रम का स्थापना दिवस और बाबा के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य पर भव्य मेला लगता है। 

ट्रेन से कैसे पहुंचे 


उत्तराखंड के बाहर के जो लोग ट्रेन से कैंची धाम आना चाहते हैं। उन्हें कोठगोदाम रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा। यहां से बस-टैक्सी के जरिये कैंची धाम आश्रम पहुंच सकते हैं। बमुश्किल 38 से 40 किलोमीटर की दूरी है। 


13 से 16 जून तक ट्रैफिक प्लान 


कैंची धाम में भक्तों का उमड़ना शुरू हो चुका है। पुलिस-प्रशासन ने 13 से 16 जून तक के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान बनाया है। बाहरी और स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए शटल की व्यवस्था बनाई है। 


दिल्ली-एनसीआर, देहरादून, हरिद्वार और मुरादाबाद की ओर से रामनगर-कालाढूंगी होकर कैंची धाम आने वाले वाहनों को नयागांव तिराह से नैनीताल होकर, आरटीओ रोड तिराहा, पंचायतघर तिराहा से बरेली रोड तीन पानी तिराहा के रास्ते गौलापार काठगोदाम की ओर भेजा जाएगा। इस मार्ग पर भी शटल सेवा उपलब्ध रहेगी। 

 

बरेली से आने वालों के लिए ये रूट 

 

वहीं, रामपुर मार्ग से आने वाले वाहनों को गन्ना सेंटर, शीतल होटल से डायवर्ट करके, बरेली रोड, तीनपानी तिराह से गौलापार काठगोदाम की तरफ भेजा जाएगा। शटल सेवा यहां भी रहेगी। जबकि बरेली रोड की ओर से आने वाले वाहनों को तीनपानी तिराहा से गौलापार काठगोदाम की ओर भेजा जाएगा। आगे शटल सेवा से जाएंगे। 

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