Forbes Billionaires List: एशिया के नए 'बिजनेस किंग' बने गौतम अडानी, मुकेश अंबानी को पछाड़ फोर्ब्स लिस्ट में टॉप पर पहुंचे

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Published By Muskan Dixit
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नई दिल्ली: भारतीय उद्योग जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। अडानी ग्रुप के मुखिया गौतम अडानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर कारोबारी बन गए हैं। 'फोर्ब्स रियल-टाइम बिलेनियर्स लिस्ट' के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गौतम अडानी की नेटवर्थ बढ़कर 89.2 अरब डॉलर हो गई है, जिसके साथ उन्होंने शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा लिया है।

इस रेस में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 88 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ अब दूसरे पायदान पर खिसक गए हैं। वहीं, पिछले दिनों बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण सॉफ्टबैंक के मासायोशी सोन 87 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ तीसरे नंबर पर आ गए हैं। गौरतलब है कि जापानी निवेश फर्म के शेयरों में आई गिरावट से पहले सोन ही एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे।

अडानी साम्राज्य की 6 कंपनियों का मार्केट में दबदबा

गौतम अडानी की संपत्ति में इस उछाल की मुख्य वजह उनकी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में आई जोरदार तेजी है। शुक्रवार तक समूह की छह प्रमुख कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन (मार्केट कैप) लगभग 191 अरब डॉलर दर्ज किया गया। कंपनियों का प्रदर्शन कुछ इस प्रकार रहा:

  • अडानी पावर: 47.2 अरब डॉलर के साथ समूह की सबसे मूल्यवान कंपनी रही।
  • अडानी पोर्ट्स: 44.2 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ दूसरे नंबर पर रही।
  • अडानी एंटरप्राइजेज: 44 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू दर्ज की गई।
  • अडानी ग्रीन एनर्जी: कंपनी का कुल मूल्यांकन 26.4 अरब डॉलर रहा।
  • अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस: मार्केट कैप 19.9 अरब डॉलर पर पहुंचा।
  • अडानी टोटल गैस: 8.8 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण के साथ योगदान दिया।

विवादों का अंत और नेटवर्थ में 10 अरब डॉलर का बंपर उछाल

फोर्ब्स की रिपोर्ट बताती है कि पिछले एक महीने के भीतर ही गौतम अडानी की दौलत में करीब 10 अरब डॉलर की भारी बढ़ोतरी हुई है। दरअसल, अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने सौर ऊर्जा सप्लाई एग्रीमेंट से जुड़े 250 मिलियन डॉलर के कथित धोखाधड़ी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसके बाद से निवेशकों का भरोसा समूह पर और मजबूत हुआ है। अडानी ग्रुप ने शुरुआत से ही इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था।

याद दिला दें कि साल 2023 में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट के बाद अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। हालांकि, भारतीय नियामकों ने जांच के बाद इन दावों को 'अपुष्ट' बताते हुए खारिज कर दिया था। अब अमेरिका से भी क्लीन चिट मिलने के बाद गौतम अडानी ने धमाकेदार वापसी की है।

भविष्य की तैयारी: AI और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

हाल ही में शेयरधारकों को लिखे अपने सालाना खत में गौतम अडानी ने साफ किया कि समूह सभी कानूनी और नियामक चुनौतियों को पीछे छोड़ चुका है। अब कंपनी का पूरा ध्यान एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने पर है, ताकि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति का पूरा फायदा उठाया जा सके।

इसके साथ ही, अडानी एंटरप्राइजेज के हालिया 24,930 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू को मिली शानदार सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मुश्किल वक्त के बाद भी वैश्विक और घरेलू निवेशकों का भरोसा अडानी ग्रुप पर अडिग है।

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