Sonam Wangchuk Hunger Strike: अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, सरकार के सामने रखीं 3 शर्तें
सफदरजंग अस्पताल से जारी हस्तलिखित संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा सुधार और NEET पेपर लीक मामले में ठोस आश्वासन मिलने पर ही वह अपना आमरण अनशन समाप्त करेंगे।
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार अभियानकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार (20 जुलाई) को स्पष्ट किया कि वह शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक मामले से जुड़ी अपनी मांगों पर सरकार और राजनीतिक नेतृत्व से ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही अपना अनिश्चितकालीन आमरण अनशन समाप्त करेंगे।
सफदरजंग अस्पताल से जारी अपने हस्तलिखित संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी तीन प्रमुख शर्तें पूरी होने पर ही वह भूख हड़ताल खत्म करने पर विचार करेंगे।
क्या हैं सोनम वांगचुक की तीन शर्तें?
वांगचुक ने अपने संदेश में तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- पहली शर्त: सरकार शिक्षा व्यवस्था में सामने आई गंभीर खामियों की जिम्मेदारी स्वीकार करे, जिसमें NEET परीक्षा का पेपर लीक भी शामिल है।
- दूसरी शर्त: सभी राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करें कि संसद के मौजूदा मानसून सत्र में शिक्षा सुधार और NEET पेपर लीक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाए।
- तीसरी शर्त: यदि स्वास्थ्य कारणों से वह संसद मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो वरिष्ठ राजनीतिक नेता अस्पताल पहुंचकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त करें कि उनकी पहली दोनों मांगों पर कार्रवाई की जाएगी।
'अवैध हिरासत' में रखने का लगाया आरोप
सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि उन्हें 'अवैध हिरासत' में रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी आवाजाही, लोगों से मिलने और बातचीत करने की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
28 जून से जारी है भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया भर्ती
लगातार उपवास के चलते स्वास्थ्य बिगड़ने पर 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि लंबे समय तक भोजन न करने से उनके जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने की आशंका है।
इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी अधिकारियों को वांगचुक के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। फिलहाल वह अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
