21 जुलाई का पंचांग : पार्वती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ज्योतिषाचार्य की राय

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Edited By Deepak Mishra
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21 जुलाई 2026, मंगलवार को आषाढ़ शुक्ल अष्टमी के साथ पार्वती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन सिद्ध योग रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक है, जबकि राहुकाल दोपहर 3:27 से शाम 5:09 बजे तक रहेगा।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ।  हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ-अशुभ समय का विचार किया जाता है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार की जाने वाली भारतीय काल-गणना पद्धति है।

21 जुलाई 2026, मंगलवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि प्रातः 5:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन पार्वती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का पावन संयोग बन रहा है, इसलिए माता पार्वती और मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।

21 जुलाई 2026 का पंचांग
  • तिथि: आषाढ़ शुक्ल अष्टमी प्रातः 5:16 बजे तक, इसके बाद नवमी
  • वार: मंगलवार
  • सूर्योदय: सुबह 5:56 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 7:09 बजे
  • चंद्रोदय: दोपहर 12:28 बजे
  • चंद्रास्त: रात 11:53 बजे
नक्षत्र और योग

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य पुष्य नक्षत्र में गोचर करेगा। वहीं चंद्रमा रात 8:49 बजे तक चित्रा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेगा। 21 जुलाई को सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है, जिसे सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

शुभ मुहूर्त
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक

धार्मिक मान्यता के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त में बिना राहुकाल की चिंता किए भी कई महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।

राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड
  • 1- राहुकाल: दोपहर 3:27 बजे से शाम 5:09 बजे तक
  • 2- गुलिक काल: दोपहर 12:44 बजे से 2:23 बजे तक
  • 3- यमगंड काल: सुबह 9:02 बजे से 10:45 बजे तक

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य, निवेश या यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए।

राशि परिवर्तन
  • 1- सूर्य: कर्क राशि में
  • 2- चंद्रमा: दिन के प्रारंभ में कन्या राशि में, इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेगा।
दिशाशूल

मंगलवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल माना जाता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो तो शुभ उपाय करके ही प्रस्थान करना उचित माना गया है।

ज्योतिषाचार्य की राय

ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद त्रिपाठी के अनुसार, "पार्वती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का एक साथ पड़ना अत्यंत शुभ संयोग है। इस दिन माता पार्वती और मां दुर्गा की पूजा, दुर्गा सप्तशती का पाठ, 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जप तथा कन्याओं को भोजन कराने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। सिद्ध योग होने के कारण शिक्षा, व्यवसाय, संपत्ति और नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी यह दिन अनुकूल रहेगा। हालांकि राहुकाल और यमगंड के समय महत्वपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए। यदि उत्तर दिशा की यात्रा आवश्यक हो तो घर से निकलने से पहले गुड़ या धनिया का सेवन कर माता दुर्गा का स्मरण करें।"

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