बाराबंकी: तीन साल बाद जलकुंभी से मुक्त हुआ जमुरिया नाला, जलभराव के खतरे से लोगों को मिली बड़ी राहत
नाला साफ होने से पानी निकासी हुई सुचारु, लेकिन बिना सुरक्षा उपकरणों के नाले में उतारे गए मजदूरों पर उठे सवाल।
बाराबंकी। शहर के बीचोंबीच बहने वाला जमुरिया नाला आखिरकार जलकुंभी से मुक्त हो गया है। लंबे समय से नाले में फैली जलकुंभी के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही थी और बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही थी। नाला साफ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।
शहर के लिए महत्वपूर्ण इस नाले का दायरा वर्षों से सिकुड़ता गया, जबकि हाईवे के पास इसकी स्थिति और अधिक खराब हो गई थी। वर्ष 2022 से लगातार बारिश के दौरान नाला उफनाने लगा, जिससे शहर के कई इलाके जलमग्न हो जाते थे। 2024 में स्थिति सबसे अधिक गंभीर रही, जब शहर का बड़ा हिस्सा बाढ़ जैसे हालात से प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।
बाद में नाले के चौड़ीकरण और हाईवे पर नए पुल के निर्माण से जल निकासी में सुधार हुआ, लेकिन समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। हाल ही में कमरियाबाग क्षेत्र के पास बड़ी मात्रा में जलकुंभी जमा हो गई थी। पिछले शुक्रवार को हुई कई घंटे की बारिश के दौरान नाले का जलस्तर फिर बढ़ गया और पानी रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा। इसके बाद नगर पालिका परिषद ने नाले से जलकुंभी हटाने का अभियान चलाया, जिससे पानी का प्रवाह दोबारा सामान्य हो गया।
बिना सुरक्षा उपकरणों के नाले में उतरे मजदूर
नाले की सफाई पूरी तरह मानव श्रम के जरिए कराई गई। आधा दर्जन मजदूर नाले में उतरकर जलकुंभी हटाते रहे, लेकिन इस दौरान उनके लिए किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण या बचाव के इंतजाम नहीं किए गए। जोखिम भरे कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न होने को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
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