CHC देवा की पैथोलॉजी व्यवस्था चरमराई, CBC और ब्लड शुगर तक सिमटी जांचें, प्राइवेट लैब जाने को मजबूर मरीज
रिएजेंट की कमी से LFT, KFT और लिपिड प्रोफाइल समेत कई जरूरी रक्त जांच बंद। पानी की मोटर खराब और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित, अस्पताल प्रशासन ने जिला मुख्यालय से मांगी सामग्री।
देवा/बाराबंकी, अमृत विचार: जिले के प्रमुख और अग्रणी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल सीएचसी देवा की पैथोलॉजी व्यवस्था इन दिनों बदहाली का शिकार है। कभी यहां अधिकांश आवश्यक रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध रहती थी, लेकिन वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि केवल सीबीसी (CBC) और ब्लड शुगर की जांच ही हो पा रही है। एलएफटी (LFT), केएफटी (KFT), लिपिड प्रोफाइल समेत कई महत्वपूर्ण रक्त जांचें रिएजेंट और अन्य आवश्यक सामग्री के अभाव में बंद पड़ी हैं।
इसका सीधा असर प्रतिदिन इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में आवश्यक जांच की सुविधा न मिलने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उठानी पड़ रही है।
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पैथोलॉजी की अव्यवस्था केवल जांच सामग्री की कमी तक सीमित नहीं है। लैब में पानी की आपूर्ति करने वाली मोटर कई दिनों पहले फुंक जाने से पानी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। स्थिति यह है कि लैब टेक्नीशियन को हाथ धोने तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पूरी पैथोलॉजी केवल एक इनवर्टर के सहारे संचालित हो रही है। बिजली आपूर्ति बाधित होते ही जांच कार्य प्रभावित हो जाता है, जिससे मरीजों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
जिले के अग्रणी स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल सीएचसी देवा की इस स्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही आवश्यक जांच सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं की गईं तो मरीजों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि आवश्यक जांच सामग्री की मांग जिला मुख्यालय को भेज दी गई है। सामग्री उपलब्ध होते ही बंद पड़ी सभी रक्त जांचों को दोबारा शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इनपुट- Nitin Ajita Srivastava
