Muzaffarnagar News : होमगार्ड की हत्या के दोषी को फांसी की सजा, कोर्ट ने बताया 'दुर्लभ से दुर्लभतम' मामला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की फास्ट ट्रैक अदालत ने ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इस हत्याकांड को "दुर्लभ से दुर्लभतम" श्रेणी का मामला मानते हुए आरोपी पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी दीपक को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि हत्या जिन परिस्थितियों में की गई, वह अधिकतम दंड दिए जाने योग्य है। हालांकि, कानून के अनुसार इस मौत की सजा पर अंतिम मुहर इलाहाबाद हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद ही लगेगी।

सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि यह घटना 4 जून 2020 को मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के बुढ़ाना मॉडल इलाके में हुई थी। अभियोजन के अनुसार, आरोपी दीपक अपनी मां के साथ मारपीट कर रहा था। उसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड रतिराम ने महिला को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया। इससे नाराज होकर आरोपी ने रतिराम पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल होमगार्ड को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी दीपक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए गुरुवार को फांसी की सजा सुनाई।

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