Lucknow University Global Success: 77 देशों के 3,421 विदेशी छात्रों ने किया आवेदन, एक साल में 64% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए 77 देशों के 3,421 विदेशी विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले शैक्षिक सत्र 2025-26 में कुल 2,083 अंतरराष्ट्रीय आवेदन प्राप्त हुए थे। इस बार 1,338 अतिरिक्त आवेदन मिलने से विदेशी आवेदनों में 64 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर लखनऊ विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक साख और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
विदेशी छात्रों को मिलता है विशेष सहयोग
विश्वविद्यालय विदेशी विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक विकास में भी सहायता प्रदान करता है। भाषा संबंधी चुनौतियों, सांस्कृतिक समायोजन और करियर काउंसलिंग के लिए नियमित रूप से विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को बेहतर सीखने का वातावरण मिलता है।
स्नातक पाठ्यक्रमों की सबसे अधिक मांग
विदेशी छात्रों के बीच स्नातक कार्यक्रम सबसे अधिक लोकप्रिय रहे। विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 2,552 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं परास्नातक कार्यक्रमों में 595 और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए 274 आवेदन दर्ज किए गए, जो शोध एवं उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि का संकेत हैं।
77 देशों से मिला शानदार प्रतिसाद
विश्वविद्यालय को बांग्लादेश, नेपाल, नाइजीरिया, सूडान और तंजानिया सहित कुल 77 देशों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा जर्मनी से एक तथा पोलैंड से दो आवेदन भी आए हैं, जो विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान के विस्तार को दर्शाते हैं।
हर वर्ष बढ़ रही है वैश्विक लोकप्रियता
विदेशी आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021-22 में 637 आवेदन मिले थे, जो 2022-23 में 814, 2023-24 में 1,365, 2024-25 में 1,769, 2025-26 में 2,083 और अब 2026-27 में बढ़कर 3,421 तक पहुंच गई है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आवेदनों में यह वृद्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों, छात्र-अनुकूल वातावरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप विकसित बहुविषयक शिक्षा मॉडल पर वैश्विक विश्वास का प्रमाण है।
