WhatsApp Username Feature : नए फीचर पर सरकार की नजर, फर्जी पहचान और ऑनलाइन ठगी की आशंका पर जांच शुरू

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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फोन नंबर साझा किए बिना चैट की सुविधा देगा WhatsApp का नया फीचर

नई दिल्ली। व्हाट्सऐप के प्रस्तावित 'यूजरनेम फीचर' को लेकर केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। सरकार इस नए फीचर की समीक्षा कर रही है और इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इसका इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर ठगी या लोगों को गुमराह करने के लिए तो नहीं किया जा सकता।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार जल्द ही व्हाट्सऐप से इस फीचर को लेकर विस्तृत जानकारी मांग सकती है। इसके लिए कंपनी को नोटिस भेजने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार यह जानना चाहती है कि नया फीचर कैसे काम करेगा, इससे जुड़े संभावित जोखिम क्या हैं और कंपनी ने दुरुपयोग रोकने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा उपाय किए हैं। जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियां भी इस मामले की पड़ताल कर सकती हैं।

सूत्रों का कहना है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस फीचर से राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा या आम लोगों के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यदि कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो सरकार इसके लागू होने पर रोक लगाने के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकती है।

दरअसल, व्हाट्सऐप इस साल के आखिर तक ऐसा फीचर लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके तहत उपयोगकर्ता अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने यूजरनेम आरक्षित (रिजर्व) करने की सुविधा शुरू कर दी है, जबकि फीचर को आधिकारिक रूप से बाद में जारी किया जाएगा।

व्हाट्सऐप का कहना है कि इस फीचर का उद्देश्य खासतौर पर समूह चैट और नए लोगों से बातचीत के दौरान उपयोगकर्ताओं की निजता को बेहतर बनाना है, ताकि उन्हें अपना मोबाइल नंबर साझा न करना पड़े।

हालांकि, सरकारी अधिकारियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता यह है कि कुछ लोग ऐसे यूजरनेम चुन सकते हैं, जो किसी सरकारी विभाग, कंपनी, बैंक या प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम से काफी मिलते-जुलते हों। इससे आम उपयोगकर्ता भ्रमित हो सकते हैं और ऑनलाइन ठगी या पहचान की चोरी जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।

भारत में व्हाट्सऐप के करीब 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं, इसलिए सरकार इस फीचर को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कई स्टार्टअप संस्थापकों, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और तकनीकी पेशेवरों ने इस फीचर को लेकर सवाल उठाए हैं।

पेटीएम के संस्थापक एवं सीईओ विजय शेखर शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि मजबूत सत्यापन व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो एक जैसे दिखने वाले यूजरनेम पहचान की चोरी और साइबर घोटालों का बड़ा कारण बन सकते हैं। वहीं नॉट डेटिंग के संस्थापक एवं सीईओ जसबीर सिंह ने कहा कि निजता के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूजरनेम सत्यापन की मजबूत व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो धोखेबाज असली कंपनियों, सरकारी एजेंसियों या चर्चित हस्तियों से मिलते-जुलते नाम अपनाकर लोगों को आसानी से अपना शिकार बना सकते हैं।

क्या है WhatsApp का नया Username Feature?

व्हाट्सऐप इस साल के आखिर तक Username Feature लॉन्च करने की तैयारी में है। इस फीचर के जरिए उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल यूजरनेम के माध्यम से चैट कर सकेंगे। कंपनी ने यूजरनेम आरक्षित (रिजर्व) करने की सुविधा शुरू कर दी है, जबकि फीचर को चरणबद्ध तरीके से सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा। सरकार और साइबर विशेषज्ञ फिलहाल इस फीचर के सुरक्षा पहलुओं और संभावित दुरुपयोग की समीक्षा कर रहे हैं।

Username Feature से होने वाले फायदे
  1. मोबाइल नंबर साझा किए बिना चैट करने की सुविधा मिलेगी।
  2. समूह चैट और नए लोगों से जुड़ते समय निजता बेहतर होगी।
  3. व्यक्तिगत नंबर सार्वजनिक होने का जोखिम कम हो सकता है।
  4. ऑनलाइन बातचीत को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने का दावा।
Username Feature नुकसान 
  1. फर्जी या मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर पहचान की चोरी हो सकती है।
  2. सरकारी एजेंसियों, कंपनियों या मशहूर हस्तियों के नाम से धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है।
  3. साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम के नए तरीके सामने आ सकते हैं।
  4. यूजरनेम सत्यापन की मजबूत व्यवस्था नहीं होने पर आम लोग भ्रमित हो सकते हैं।
  5. सरकार सार्वजनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा पर संभावित असर को लेकर सतर्क है।

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