राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : SIT को मिला एक्सटेंशन, अब होगी जमीन खरीद-फरोख्त घोटाले की जांच

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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खंगाला जाएगा 2020 से अब तक का रिकॉर्ड, पहले होगी ट्रस्ट कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से पूछताछ, कई बड़े भी आएंगे जांच की जद में

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे में हेराफेरी मामले में एसआईटी जांच की समय सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। अब जमीन खरीद-फरोख्त और चढ़ावे में मिले जेवरातों के गायब होने के आरोपों की भी जांच होगी।

अयोध्या, अमृत विचार : ट्रस्ट के अनुरोध पर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी को जांच के लिए 15 जुलाई तक का समय और दिया गया है। फाइनल रिपोर्ट के लिए टीम द्वारा और समय मांगा गया था। माना जा रहा है कि दूसरे चरण की जांच जमीन खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी के साथ चढ़ावे में मिले जेवरातों के गायब होने के आरोपों की सत्यता को परखा जाएगा। बताया जा रहा है कि अब सबसे पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से पूछताछ की जाएगी।

एसआईटी की प्राथमिक जांच में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की पुष्टि हुई थी। जांच में मिले तथ्य के आधार पर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी व उनकी टीम द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि एसआईटी जांच के दूसरे चरण में अब 2020 से लेकर अब तक ट्रस्ट द्वारा की गई जमीन खरीद-फरोख्त के सभी सौदों की भी गहन छानबीन की जाएगी।

इसको लेकर गंभीर आरोप ट्रस्ट पर लगे थे। जिसमें कहा गया था कि ट्रस्ट को कुछ संपत्तियां बहुत ऊंची कीमत पर खरीदी हैं। इसमें वर्ष 2020 में बाग विजैसी में खरीदी गई एक जमीन की भी जांच होगी। आरोप लगा था कि दो रियल एस्टेट डीलरों ने एक व्यक्ति से दो करोड़ में जमीन खरीदी और कुछ ही मिनटों बाद उसे ट्रस्ट को कई गुना अधिक दाम पर बेच दी। इसी तरह के आरोप कई अन्य जमीन की खरीद में भी लगे थे। एसआईटी अब 2020 से सभी लैंड डीड्स, बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड खंगालेगी। इसमें राजस्व से संबंधित अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। इस जांच की जद में और कई बड़े लोग भी आ सकते हैं।

दान में मिले जेवरातों को लेकर अब टिन्नू से फिर से होगी पूछताछ

राम मंदिर को दान में मिले चढ़ावों में जेवरातों को भी गबन करने के आरोप लगे हैं। जौनपुर निवासी व मुंबई के एक व्यवसायी ने दान में दिए चांदी के भारी भरकम हार व चरण पादुकाओं आदि को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को सौंपने की बात कही थी। रायगंज निवासी राकेश गुप्त ने एक बड़ी वॉशिंग मशीन भी टिन्नू के माध्यम से राम मंदिर को दान करने की बात कही थी, जिसकी उन्हें कोई रसीद नहीं मिली थी।

इसी तरह के कई अन्य आरोप और लगे थे। हालांकि इस मामले में ट्रस्ट ने सफाई दी थी कि दान में मिले सभी जेवरात सुरक्षित हैं, कुछ को गलाकर ईटें बनाई गई हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी की जांच का पहलू रसीद न देना व दान में मिले जेवरातों का आंकलन करना होगा। इसको लेकर टिन्नू से भी पूछताछ की जा सकती है।

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