CM Yogi on Akhilesh : श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर रुख साफ करें अखिलेश यादव, हाथरस से CM योगी की खुली चुनौती

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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हाथरस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश खुद को धार्मिक बता रहे हैं तो मथुरा और वृंदावन पर भी खुलकर बोलें।

हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में आयोजित एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख बताने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह खुद को धार्मिक साबित करना चाहते हैं तो उन्हें मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि "अयोध्या को तो राम भक्तों ने संवार दिया है। यदि सचमुच धार्मिक बनने का प्रयास कर रहे हैं तो मथुरा की बात कीजिए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए और यह भी कहिए कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।"

अयोध्या पर सपा के दावे पर भी साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने का दावा करने से पहले अखिलेश यादव को अपनी सरकार का इतिहास देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में रामभक्तों पर गोली चलाई गई थी और धार्मिक आयोजनों पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी राजनीतिक दल की मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अयोध्या, मथुरा और काशी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

'एक वर्ग की राजनीति' का लगाया आरोप

योगी ने आरोप लगाया कि सपा ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की और प्रदेश के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए और सरकार मथुरा-वृंदावन के विकास के लिए लगातार सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

राम मंदिर चंदा विवाद पर अखिलेश ने उठाए थे सवाल

इससे पहले शनिवार को आजमगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि दान से जुड़े मामलों में सामने आए आरोप गंभीर हैं और सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करनी पड़ी। साथ ही उन्होंने एसआईटी की रिपोर्ट एक व्यक्ति को सौंपे जाने पर भी सवाल उठाए थे।

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