Lucknow News : सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले आरक्षी सुनील शुक्ला बर्खास्त, विभागीय जांच में दोषी साबित

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। सोशल मीडिया के जरिए पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने, वरिष्ठ अधिकारियों पर बेबुनियाद आरोप लगाने और विभागीय अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप में लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस आयुक्त ने यह कार्रवाई की।

पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सात मई को गठित जांच समिति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की। इस दौरान आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला समेत सभी संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए और उन्हें अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया। हालांकि, शुक्ला अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके।

दरअसल, पिछले महीने सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर लगातार कई वीडियो जारी कर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तैनाती में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कमिश्नरेट में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल से ड्यूटी लगाने के नाम पर दो-दो हजार रुपये वसूले जाते हैं तथा कुछ आईपीएस अधिकारी "भ्रष्ट सामंती व्यवस्था" चला रहे हैं। उस समय लखनऊ पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

जांच में क्या मिला?

विभागीय जांच में पाया गया कि आरक्षी ने बिना किसी तथ्य और साक्ष्य के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस विभाग की छवि खराब करने, पुलिस बल में अनुशासनहीनता फैलाने और अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी दोषी पाया गया।

बयान के मुताबिक, आरक्षी ने बिना विभागीय अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग कर उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 के नियम 3, 6, 7 और 27 तथा उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम का उल्लंघन किया। इन आरोपों के प्रमाणित होने के बाद विभाग ने उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया।

7 मई से शुरू हुआ था विवाद

यह पूरा मामला सात मई को सामने आया था, जब रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की विभागीय जांच बैठाई, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अब उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

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