Ketan Agrawal Case: जून की चिलचिलाती गर्मी में 'हुडी' ने खोला खूनी राज; मंगेतर ने प्रेमी संग मिलकर रची केतन की मौत की खौफनाक साजिश

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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पुणे: ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की एक गहरी खाई से गिरकर हुई बिजनेसमैन की मौत, जिसे शुरुआत में एक साधारण हादसा माना जा रहा था, वह अब एक सोची-समझी हत्या की सनसनीखेज वारदात बनकर सामने आई है। 33 डिग्री सेल्सियस के तापमान में एक शख्स की मामूली सी चूक (हुडी पहनने की सनक) ने पुलिस को इस अंधे कत्ल की तह तक पहुँचा दिया। इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने वाली कोई और नहीं, बल्कि मृतक की मंगेतर ही निकली, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को रचा था।

सीसीटीवी फुटेज और मौसम के मिजाज ने पलट दिया केस

शुरुआती जांच में इसे महज सेल्फी लेते वक्त पैर फिसलने की दुर्घटना माना गया था। लेकिन जब पुलिस ने किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाला, तो कहानी पूरी तरह बदल गई। 18 जून को कैमरे में 26 वर्षीय व्यवसायी केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल के ठीक पीछे एक संदिग्ध शख्स नजर आया।

तफ्तीश का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट

जून के महीने में जब पुणे का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, तब वह संदिग्ध शख्स शॉर्ट्स के ऊपर हुडी पहने हुए था। उसने हुडी की कैप को चेहरे पर इतना आगे खींचा हुआ था कि चेहरा छिप जाए और ऊपर से हेडसेट लगा रखा था। इतनी भीषण गर्मी में किसी का हुडी पहनकर चेहरा छिपाना पुलिस को खटक गया और यहीं से हत्या की जांच का सिरा मिला।

बाद में इस 'हुडी वाले शख्स' की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई, जो सिया का प्रेमी है।

डिजिटल सबूतों ने खोली पोल

पुलिस ने जब तकनीकी रूप से जांच को आगे बढ़ाया, तो हैरान करने वाले खुलासे हुए:

- शातिर चाल हुई नाकाम: हत्या वाले दिन चेतन अपना मोबाइल फोन इंटरनेट बंद करके अपनी दुकान पर ही छोड़ गया था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। पुलिस ने जब उस दौरान उसके नंबर पर आए कॉल्स की जांच की, तो दुकान के कर्मचारियों ने पुष्टि की कि फोन चेतन के पास नहीं था।

- हजारों कॉल्स का रिकॉर्ड: सिया के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगालने पर पता चला कि दोनों के बीच कई महीनों से हजारों बार घंटों लंबी बातचीत होती थी। सोशल मीडिया प्रोफाइल से साफ हो गया कि दोनों एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे।

जब पुलिस ने चेतन से पूछा कि वे दोनों भाग क्यों नहीं गए, तो उसने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि उसे डर था कि इससे समाज में उसके परिवार की बदनामी होगी। इसलिए उन्होंने केतन को रास्ते से हटाने का फैसला किया।

मंगेतर के खूनी प्लान की इनसाइड स्टोरी: कब और कैसे क्या हुआ?

- सगाई और शादी की तैयारी: केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी। नवंबर में उदयपुर के एक शाही पैलेस में दोनों की भव्य शादी होने वाली थी। हालांकि, सिया ने पहले इस शादी को एक साल टालने की बात भी कही थी।

- किले पर जाने की जिद: केतन की बहन संजना के मुताबिक, सिया लगातार केतन को लोहागढ़ किला चलने के लिए मजबूर कर रही थी। वह 31 मई को उसे वहां ले गई थी और दोबारा 4 जून को भी जाना चाहती थी, लेकिन मां के टोकने पर रुक गई।
- पहला नाकाम प्रयास (14 जून): सिया ने 14 जून को भी केतन को चट्टान से धकेलने की कोशिश की थी, लेकिन केतन ने झाड़ियों को पकड़ लिया और बच गया। तब सिया ने वहां 'सांप' होने का नाटक रचकर बात को संभाल लिया था।

- 18 जून का अंतिम वार: इस दिन सिया केतन को लेकर दोबारा किले की एक बेहद गहरी खाई वाले पॉइंट पर पहुंची। चेतन पहले से ही वहां हुडी पहनकर उनका पीछा कर रहा था। मौका मिलते ही केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया गया।

- हादसे की झूठी कहानी: केतन को गिराने के बाद सिया ने खुद पुलिस को फोन किया और रोते हुए नाटक किया कि तेज हवाओं के कारण तस्वीरें लेते समय केतन का पैर फिसल गया है। अगले दिन 19 जून को रेस्क्यू टीम ने केतन का शव बरामद किया।

सलाखों के पीछे पहुंचे कातिल

लोनावाला ग्रामीण पुलिस की मुस्तैदी और एक हुडी के सुराग ने इस केस को चंद दिनों में सुलझा दिया। पुलिस हिरासत में कड़ी पूछताछ के दौरान सिया और चेतन दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। एक हंसती-खेलती जिंदगी की शुरुआत होने से पहले ही सिया और उसके प्रेमी के खौफनाक मंसूबों ने उसे हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

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