PM Modi Seychelles Visit : हिंद महासागर हमारी साझा जिम्मेदारी, UPI और स्वास्थ्य सहयोग पर भारत-सेशेल्स के बीच अहम समझौते
नई दिल्ली/विक्टोरिया (सेशेल्स)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स दौरे के दौरान कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स के रिश्तों की मजबूत नींव है। इसकी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि दोनों देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक विकास भी सुनिश्चित हो और सभी देशों के बीच समान सम्मान व विश्वास के आधार पर साझेदारी आगे बढ़े।
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी यह यात्रा ऐसे ऐतिहासिक समय पर हो रही है, जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती मना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले पांच दशकों में दोनों देशों ने दोस्ती को विश्वास, विश्वास को सहयोग और सहयोग को जनकल्याण में बदला है। हिंद महासागर ने सदियों से दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और मानवीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हिंद महासागर को 'अवसरों का महासागर' बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का 'महासागर विजन' हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसी क्षेत्रीय व्यवस्था चाहता है जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक समृद्धि भी बढ़े, साझेदारी किसी देश के आकार से नहीं बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास से तय हो और सभी देश साथ मिलकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, "हिंद महासागर हमारा साझा घर है। इसकी सुरक्षा, सतत विकास और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है।"
यूपीआई और जन औषधि समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर
भारत और सेशेल्स के बीच वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें सेशेल्स में यूपीआई (UPI) लागू करने तथा जन औषधि योजना सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से जुड़े समझौते प्रमुख रहे।
अगले 50 वर्षों के लिए साझा विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंधों के पिछले 50 वर्ष गहरे विश्वास और साझा विकास के रहे हैं। आने वाले 50 वर्षों में दोनों देश नवाचार, सतत विकास और साझा समृद्धि के नए अध्याय लिखेंगे।
