रेलवे का 'कैप्टन क्लीन' अभियान : स्टेशन पर गंदगी फैलाने वालों की फेस डिटेक्शन कैमरों से होगी पहचान

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

शिकायत करने वाले यात्रियों को मिलेगा 'कैप्टन क्लीन' सम्मान

भारतीय रेलवे 4 जुलाई से 'कैप्टन क्लीन' अभियान शुरू करेगा। स्टेशन पर गंदगी फैलाने और थूकने वालों की पहचान फेस डिटेक्शन सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। शिकायत करने वाले यात्रियों को 'कैप्टन क्लीन' के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

कानपुर, अमृत विचार। स्टेशनों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए रेलवे अब कैप्टन क्लीन का सहारा लेगा। साथ ही परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे से गंदगी फैलाने वाले पर नजर रखी जाएगी। फेस डिटक्शन तकनीक से चेहरा पहचान कर उस पर कार्रवाई की जाएगी। रेलवे इसकी शुरूआत पूर्व रेल जोन से कर रहा है। 4 जुलाई को हावड़ा मंडल से रेलवे इज वाचिंग यू अभियान की शुरूआत हो रही है।

बता दें कि रेलवे को रेल मदद एप से जो शिकायतें मिलती हैं उसमें सबसे ज्यादा गंदगी से जुड़ी होती हैं। डिब्बों से लेकर वेटिंग एरिया व प्लेटफार्म पर गंदगी होने की शिकायत यात्री करते हैं। जिससे स्टेशनों व ट्रेनों की रैंकिंग में गिरावट होती है। रेलवे स्टेशनों को स्वच्छ रखने के अभियान की शुरुआत 4 जुलाई से की जा रही है। स्टेशन में कूड़ा फैलाने और थूकने के मामले पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। स्टेशनों पर हाई रिजाल्यूशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए धरपकड़ और निगरानी के लिए समर्पित कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। फेस डिटेक्शन कैमरों की सहायता से पकड़ की जाएगी।

यदि कोई व्यक्ति स्टेशन परिसर में कूड़ा फैलाते अथवा थूकते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद होता है, तो उसकी पहचान कर मौके पर कर्मचारी भेजकर कार्रवाई की जाएगी। कोई यात्री किसी व्यक्ति को स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाते या थूकते हुए देखता है, तो वह उसकी फोटो लेकर हेल्पलाइन के नंबर पर भेज सकता है। फोटो के आधार पर पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सूचना देने वाले यात्री को कैप्टन क्लीन के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज