स्टीयरिंग पर थम गई सांसे : अलीगढ़ में बस चालक की हार्ट अटैक से मौत, सभी यात्री सुरक्षित
ड्यूटी निभाते-निभाते एक रोडवेज चालक की जिंदगी स्टीयरिंग पर ही थम गई, लेकिन अपनी आखिरी सूझबूझ से वह 30 से अधिक यात्रियों की जान बचाकर हमेशा के लिए अमर हो गया। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की मथुरा डिपो की बस शुक्रवार को मथुरा से अलीगढ़ की ओर जा रही थी।
अलीगढ़। ड्यूटी निभाते-निभाते एक रोडवेज चालक की जिंदगी स्टीयरिंग पर ही थम गई, लेकिन अपनी आखिरी सूझबूझ से वह 30 से अधिक यात्रियों की जान बचाकर हमेशा के लिए अमर हो गया। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की मथुरा डिपो की बस शुक्रवार को मथुरा से अलीगढ़ की ओर जा रही थी।

गोरई थाना क्षेत्र के नया बांस गांव के पास बस चला रहे चालक गणेश कुमार को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। गंभीर हालत के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बेहोश होने से पहले बस की रफ्तार कम की और उसे सड़क किनारे मोड़ दिया। इसके बाद बस सड़क से उतरकर बिजली के एक खंभे से टकराई और बिना पलटे रुक गई। बस में सवार यात्रियों ने जब चालक को बेसुध देखा तो तुरंत आगे बढ़कर ब्रेक लगाए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार 30 से अधिक सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।
जानिए क्या बोले एआरएम मदन मोहन शर्मा
मथुरा बस डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) मदन मोहन शर्मा ने बताया कि चालक गणेश कुमार को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गणेश कुमार की अचानक हुई मौत से रोडवेज कर्मचारियों और यात्रियों में शोक की लहर है। उनकी सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा ने अंतिम क्षणों में भी दर्जनों लोगों की जिंदगी बचा ली। यह घटना एक बार फिर बताती है कि कर्तव्य के प्रति समर्पण किसी व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में जीवित रखता है।
