Kanpur Metro : कानपुर मेट्रो के सभी 21 स्टेशनों को IGBC की प्लैटिनम रेटिंग, बारादेवी-नौबस्ता के पांच स्टेशन भी हुए सम्मानित

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर, अमृत विचार। कानपुर सेंट्रल–नौबस्ता के अंतर्गत बारादेवी से नौबस्ता तक पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने प्लैटिनम रेटिंग प्रदान की है। इस उपलब्धि के साथ ही कॉरिडोर-1 आईआईटी–नौबस्ता के सभी 21 मेट्रो स्टेशन आईजीबीसी की प्लैटिनम रेटिंग प्राप्त कर चुके हैं। इस रेटिंग के लिए परिचालन स्तर पर ऊर्जा संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए परियोजना में अनेक आधुनिक व ऊर्जा दक्ष व्यवस्थाएं अपनाई गई हैं। 
 
आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक मेट्रो के संचालन से पहले पांच नवनिर्मित पांच स्टेशन बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर व नौबस्ता स्टेशन ने पर्यावरणीय मानकों के आधार पर प्लैटिनम रेटिंग प्राप्त की है। अब आईआईटी से नौबस्ता तक सभी स्टेशन प्लैटिलन रेटिंग युक्त हो गए।
 
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के मुताबिक परियोजना की डिजाइनिंग के स्तर से ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि मेट्रो परिसर पर्यावरण संरक्षण व ऊर्जा दक्षता के सर्वोच्च मानकों के अनुरूप विकसित हों। वर्षा जल संचयन से लेकर ऊर्जा संरक्षण तक प्रत्येक पहलू में हमारी प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। आईजीबीसी की प्लैटिनम रेटिंग इन प्रयासों की महत्वपूर्ण पुष्टि है। एक स्वच्छ, हरित व टिकाऊ मेट्रो प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
 
यह मान्यता भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) व इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) द्वारा किए गए विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर प्रदान की गई है, जिसमे स्टेशन निर्माण, संचालन एवं रखरखाव में अपनाई गई प्रणालियों व पर्यावरण संरक्षण संबंधी उपायों का व्यापक आकलन किया जाता है। कानपुर मेट्रो ने निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण, प्रदूषण में कमी, हरित क्षेत्र के संवर्धन व जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया है।
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यह आधुनिक व ऊर्जा दक्ष व्यवस्थाएं अपनाई गई
- सभी स्टेशनों पर परियोजना चरण से ही एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था।
-सभी लिफ्ट, एस्केलेटर, एएचयू व चिलर्स में वेरिएबल वोल्टेज वेरिएबल फ्रीक्वेंसी  ड्राइव का उपयोग।
-एस्केलेटर में क्रॉलिंग व स्लीप मोड और कम गति संचालन की सुविधा।
-सभी प्रमुख लोड प्वाइंट्स की ऊर्जा निगरानी व्यवस्था।
-बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम  वटाइमर आधारित लाइटिंग नियंत्रण प्रणाली।
-मेट्रो ट्रेनों व लिफ्टों में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक।
-वायाडक्ट के प्रत्येक दूसरे स्पैन पर वर्षा जल संचयन कूप की व्यवस्था।
-एयर कंडीशनिंग प्रणाली के कुशल संचालन के लिए आधुनिक एचवीएसी सिस्टम।

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