Lakhimpur Kheri News : मिट्टी खदान में मजदूर की मौत पर नया विवाद, एफआईआर और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों में बड़ा विरोधाभास

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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रामापुर मिट्टी खदान हादसे में नया मोड़

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: रामापुर चौकी क्षेत्र के गांव रंगीलानगर स्थित मिट्टी खदान में मजदूर पंकज कुमार की मौत के मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर ट्रैक्टर की टक्कर से मौत होने की रिपोर्ट दर्ज की, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मजदूर की मौत ट्रैक्टर की टक्कर से नहीं, बल्कि मिट्टी दरकने से उसके नीचे दबने से हुई थी।

कोतवाली सदर क्षेत्र के सलेमपुर कोन निवासी रीमा देवी की तहरीर के आधार पर दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 26 जून की सुबह मिट्टी खदान पर कार्य के दौरान सोनालिका ट्रैक्टर के चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पंकज कुमार को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना के बाद सामने आए तथ्यों और स्थानीय लोगों के दावों के अनुसार हादसे के समय मौके पर कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली मौजूद नहीं थी।

उनका कहना है कि खदान में अत्यधिक गहराई तक खुदाई किए जाने के कारण मिट्टी अचानक भरभराकर गिरी, जिससे पंकज कुमार दब गए और उनकी मौत हो गई। ऐसे में एफआईआर में ट्रैक्टर से दुर्घटना का उल्लेख होने पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अवैध खनन करने वालों को बचाने के लिए घटना का स्वरूप बदलने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। इस घटना ने अवैध खनन पर भी सवाल खड़े किए हैं।

आरोप है कि मौके पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के विपरीत करीब 20 से 25 फीट गहरी खुदाई की गई थी। इसके बावजूद अब तक जिला प्रशासन और खान विभाग की ओर से कथित अनियमितताओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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