Muharram 2026: कर्बला के शहीदों की याद में डूबा लखनऊ, 10वीं मोहर्रम को लेकर रूट डायवर्जन जारी

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: 10वीं मोहर्रम को पुराना लखनऊ कर्बला के शहीदों के गम में डूबा रहा। इमामबाड़ों में सुबह से शुरू हुआ मातम-मजलिस का सिलसिला देर रात में अल विदाई अलम के जुलूस तक जारी रहा। इमामबाड़ा गुफरानमआब में अशरा-ए-मजालिस को खिताब करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि सृष्टि का निर्माण करने वाले ने इस दुनिया को चलाने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया है, उसी के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल कर इंसान जंग का माहौल बदलने में कामयाब हो गया है।

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उन्होंने कहा कि सांप के कान नहीं होते इसलिए वो सुन नहीं सकता, लेकिन उसके पास ऐसी ताकत है कि वो कम्पन को महसूस कर लेता है। कम्पन के जरिये वह उस दिशा के बारे में भी जान लेता है जिधर से कोई उसकी तरफ आ रहा है। ईरान ने अपने हथियारों में इसी तकनीक का इस्तेमाल किया है।

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पानी में चलने वाली उसकी नौकाएं भी यह महसूस कर लेती हैं कि दुश्मन का जहाज उससे कितनी दूरी पर है। मौलाना ने कर्बला की जंग में हजरत इमाम हुसैन की जंग और शहादत का मंजर पेश किया तो इमामबाड़े में कोहराम मच गया।

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अकबरी गेट स्थित इमामबाड़ा सैय्यद तकी साहब में मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने कहा कि मजलिसों में क़ुरान-ए-करीम और हदीस-ए-पैगंबर के जरिए यह बात समझाने की कोशिश की गई कि विलायत दीन का हिस्सा है। अगर कोई विलायत को नहीं मानता है तो दीन व इस्लाम से ख़ारिज होगा।

मौलाना ने कहा कि मौला अली को हमने अपना इमाम खुद नहीं बनाया बल्कि अल्लाह ने इमाम बनाया। जब अल्लाह ने इमाम बनाया तो हमने इमाम माना। मौलाना ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शिक्षाओं तथा कर्बला की घटना को जन जन तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन और उनके परिजन शहीद हो गए लेकिन आज भी अमर हैं। यजीद समझ रहा था की वो जीत गया लेकिन आज उसका नाम लेने वाला भी कोई नहीं।

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मर्सियाख्वानी की मजलिस खेमों में जा रहे हैं नमाज़ी नमाज़ को इदारा-ए-तहफ़्फ़ुज़-ए-मर्सियाख़्वानी की ओर से विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित इमामबाड़ा नाज़िम साहब में आले मुहम्मद की पसंदीदा ज़ाकिरी के शीर्षक से अशरे की नवीं मजलिस आयोजित की गई। मजलिस में सुब्ही ज़ैदी ने हज़रत इमाम हुसैन के हाल का मर्सिया पेश किया। उन्होंने कहा, इशरत-कदों में बादा-गुसारों की रात है, दरियाए रंग-ओ-बू में निगारों की रात है, और कर्बला में सज्दा-गुज़ारों की रात है, यस्रिब के डूबते हुए तारों की रात है।, मोहलत मिली है शब की इमामे हिजाज़ को, खेमों में जा रहे हैं नमाज़ी नमाज़ को।

मकबरा सआदत अली खां में प्रो. हुसैन कमालउद्दीन अकबर ने कहा कि कुरान में सूरा-ए-दहर में है कि हमने तुम्हें राहे हिदायत दे दी, अब इंसान का अख्तियार है कि वह शुक्रगुज़ार बन जाए या नाफरमान बन जाए। शुक्रगुजार का मतलब अल्लाह की इताअत करने वाला हो जाए। नाफरमान का मतलब है कि जो उसने दिया है उसके खिलाफ करें। अल्लाह ने यह भी बताया कि तुम्हारी वापसी भी तो हमारी तरफ ही है। उन्होंने कहा कि जब इम्तिहान होता है तो स्टूडेंट को कॉपियां दे दी जाती हैं उस वक्त ना तो एग्जामिनर ना प्रिंसिपल ना टीचर कुछ नहीं बोलते हैं। अब उसमें जो दिल चाहे लिखो लेकिन कॉपी तो जांचने के लिए उन्हीं के पास आएगी।

10वीं मोहर्रम को लेकर ट्रैफिक डायवर्जन

10वीं मोहर्रम पर शुक्रवार को आशूरा के जुलूस को लेकर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि जुलूस सुबह दस बजे नाजिम साहब इमामबाड़ा चौक से शुरु होकर बाजारखाला होते हुए करीब ढाई बजे तालकटोरा कर्बला पर समाप्त होगा। जुलूस को लेकर सुबह सात बजे से समाप्ति तक डायवर्जन लागू रहेगा। डीसीपी ने बताया कि प्रतिबंधित मार्ग पर भी एंबुलेंस, दमकल और शव वाहन जा सकेंगे। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।

इधर से न जाएं

- टुड़ियागंज तिराहा से नक्खास या लाल माधव (हैदरगंज) तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- कमला नेहरू क्रांसिग चौराहा से नक्खास, टुड़ियागंज तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- रकाबगंज पुल चौराहा से नक्खास की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- नक्खास तिराहे से टुड़ियागंज की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- हैदरगंज तिराहा से वाहन नक्खास या बुलाकी अड्डा तिराहे की ओर नहीं जाएंगे।

- बुलाकी अड्डा तिराहे से हैदरगंज तिराहा या मिल एरिया तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- मिल एरिया तिराहे से वाहन बुलाकी अड्डा या एवरेडी तिराहे की ओर नहीं जाएंगे।

- एवरेडी तिराहे से मिल एरिया या रणजीत सिंह बिल्डिंग की ओर नहीं जाएंगे।

- रणजीत सिंह बिल्डिंग तिराहे से वाहन एवरेडी या विक्रम काॅटन मिल, कर्बला तालकटोरा की ओर नहीं जाएंगे।

- आलमबाग से आने वाले वाहन लंगडा फाटक ओवरब्रिज ढाल से विक्रम काॅटन मिल, एवरेडी तिराहे की ओर नहीं जाएंगे।

- विक्रम काॅटन मिल तिराहे से कर्बला तालकटोरा या एवरेडी तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- ए-ब्लाक राजाजीपुरम (यूनियन बैंक) तिराहा से कर्बला तालकटोरा की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- भूसामंडी तिराहे से एवरेडी तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- मवैया तिराहे से मवैया ओवरब्रिज की ओर से वाहन एवरेडी तिराहा की ओर नहीं जाएंगे।

- हैदरगंज तिराहे से फ्लाई ओवर नींबू पार्क की तरफ वाहन नहीं जाएंगे।

- हैदरगंज तिराहे से फ्लाई ओवर मिल एरिया तिराहे की तरफ वाहन नहीं जाएंगे।

- मिल एरिया तिराहे से हैदरगंज फ्लाई ओवर से हैदरगंज तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- फूलमंडी से हैदरगंज तिराहे फ्लाई ओवर की तरह वाहन नहीं जाएंगे।

इधर से जाएं

- वाहन गिरधारी सिंह इंटर काॅलेज सआदतगंज होकर जाएंगे।

- वाहन मेडिकल काॅलेज, चौक होकर जाएंगे।

- वाहन मेडिकल काॅलेज या नाका की ओर से जाएंगे।

- वाहन रकाबगंज पुल होकर जाएंगे।

- वाहन ऐशबाग होकर जा सकेंगे।

- वाहन टिकैत राय तालाब, राजाजीपुरम होकर जाएंगे।

- वाहन राजाजीपुरम होकर जाएंगे।

- वाहन भूसामण्डी, मवैया, आलमबाग होकर जाएंगे।

- वाहन भरतपुरी रोड, राजाजीपुरम होकर जाएंगे।

- वाहन सूर्यनगर राजाजीपुरम या आलमबाग होकर जाएंगे।

- वाहन लंगडा फाटक रेलवे ओवरब्रिज होकर सूर्यनगर राजाजीपुरम या आलमबाग होकर जाएंगे।

- वाहन राजाजीपुरम आलमनगर रोड होकर जाएंगे।

- वाहन ऐशबाग रोड या मवैया, आलमबाग होकर जाएंगे।

- वाहन आलमबाग सूर्यनगर होकर जाएंगे।

- वाहन ऐशबाग होकर जाएंगे।

- वाहन ऐशबाग होकर जाएंगे।

- वाहन मीना बेकरी चौराहे से होकर जाएंगे।

- वाहन विक्टोरिया स्ट्रीट (कमला नेहरू) चौराहे से मेडिकल चौराहा होकर जाएंगे।

महानगर व तेलीबाग बाजार कर्बला पर भी डायवर्जन

महानगर कर्बला पर भी ताजिया को लेकर सुबह नौ बजे और तेलीबाग बाजार कर्बला पर एक बजे से डायवर्जन किया जाएगा। डायवर्जन कार्यक्रम समाप्ति तक लागू रहेगा।

इधर से न जाएं

- हजरतगंज की ओर से आने वाली रोडवेज/सिटी बस व वाहन सुशीला देवी स्मृतिका तिराहे से निशातगंज, गोल मार्केट की ओर नहीं जाएंगे।

- गोलमार्केट, पोस्ट आफिस महानगर चौराहे से बादशाह नगर की ओर सिटी बस व वाहन नहीं जाएंगे।

- सेंट्रल बैंक तिराहा से रोडवेज/सिटी बस निशातगंज की ओर नहीं जाएंगी।

- निशातगंज पुल के नीचे चौराहे से वाहन बादशाह नगर की ओर नहीं जाएंगे।

- लेखराज मार्केट तिराहे से बादशाहनगर की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

- कुकरैल बंधा पुल के नीचे तिराहे से वाहन बादशाह नगर की ओर नहीं जाएंगे।

- पोस्ट आफिस महानगर (कार्मल) चौराहे से वाहन बादशाह नगर की ओर नहीं जाएंगे।

- तेलीबाग पुल चौराहा से रोडवेज/सिटी बस व वाहन तेलीबाग बाजार होकर नहीं जाएंगे।

- सुभानीखेड़ा चौराहा से तेलीबाग बाजार की ओर वाहन नहीं जाएंगे।

इधर से जाएं

- वाहन बंधा रोड, हनुमान सेतु, आईटी, कपूरथला, सर्वोदयनगर पुल या दाएं यू-टर्न कर संकल्प वाटिका, समतामूलक होकर जाएंगे।

- वाहन 35वीं वाहिनी पीएसी मुख्यालय होकर जाएंगे।

- बस छन्नीलाल चौराहा, वाॅयरलेस चौराहा होकर जाएंगी।

- वाहन गोल मार्केट या निशातगंज पुलिस चौकी होकर जाएंगे।

- वाहन निलगिरी, जीटीआई, गोमतीनगर होकर जाएंगे।

- वाहन कुकरैल बंधा तिराहे से दाएं सर्वोदयनगर पुल चौराहा, पीएसी मुख्यालय होकर जाएंगे।

- वाहन पीएसी मुख्यालय या गोल मार्केट होकर जाएंगे।

- वाहन बंगला बाजार पुल होकर जाएंगे।

- वाहन सुभानीखेड़ा से दाहिने देवीखेड़ा रोड होकर जाएंगे।

-जूलूस के मार्ग पर किसी भी प्रकार का यातायात का आवागमन प्रतिबन्धित रहेगा।

-अयोध्या रोड, कमता, जीटीआई से बादशाहनगर की ओर आने वाले रोडवेज, सिटी बस कमता तिराहे से विजयीपुर अण्डरपास, इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, डिगडिगा, 1090 चौराहा होकर जाएंगी।

ताजियों की बेहुर्मती पर एसीपी अनुज के निलंबन की मांग

फ़िरोज़ाबाद में मोहर्रम पर ताजियों की लंबाई और ऊंचाई की प्रशासनिक जांच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एसीपी अनुज चौधरी पुलिस बल के साथ फीते से ताजियों की नाप-जोख करते दिखाई दे रहे हैं। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने ताजियों की इस प्रकार पर नाप-जोख पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इससे शिया समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। कार्रवाई से ताजियों की बेअदबी हुई है। मौलाना ने सरकार पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।

हक की राह पर इमाम हुसैन ने सब कुछ लुटा दिया : खालिद रशीद

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दारुल उलूम फिरंगी महल की ओर से इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया में शोहदाए दीन-ए-हक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें नौवें दिन सेंटर के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली ने कहा कि इस्लाम एक मुकम्मल दीन है और जिंदगी गुजारने का इस में एक पूर्णतः निजाम पेश किया गया है, कयामत तक के लिए इस निजाम को खुदा की तरफ से लागू किया गया है। मौलाना ने कहा कि मुसलमान अच्छी तरह जानता है कि मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने दीन की बुनियादी चीजों में जब तबदीली होने लगी तो किस तरह बेचैन हो गए और बेचैनी इतनी बढ़ी कि इसकी निशानदेही के लिए अपना सब कुछ लुटा दिया। यही वजह है कि हजरत इमाम हुसैन हक व इंसाफ के लिए शहीद हुए।

उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की हस्ती ईमान व तकवा, अल्लाह पर भरोसा, सच्चाई, सब्र व शुक्र, हिम्मत, कुर्बानी, बेखौफी और शहादत के शौक जैसी विशेषताओं की प्रतीक थीं। उनकी जीवनी के निर्माण में रसूल की शिक्षा व दीक्षा का पूरा असर मिलता है। उन्हें झूठ, धोखेबाजी, गद्दारी, मुनाफिकत, बुजदिली और तमाम बुराइयों से बहुत नफरत थी। कहा कि 10 मुहर्रम को मैदाने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन ने दुनिया में सच्चाई को साबित करने, बातिल को खत्म करने और कुर्बानी का जो पैगाम दिया वह सबके लिए बेहतरीन नमूना है।

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