राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : VHP ने किया चंपत राय का बचाव, कहा- ट्रस्ट ने की थी SIT जांच की मांग
राम मंदिर चढ़ावा मामले में विहिप ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद आंतरिक जांच कर एसआईटी जांच की मांग की। संगठन का दावा है कि निष्पक्ष जांच के लिए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया।
नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का बचाव करते हुए दावा किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की पहल स्वयं ट्रस्ट ने की थी। संगठन के अनुसार, पहले आंतरिक जांच कराई गई, फिर मुख्यमंत्री से मिलकर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया गया और प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट ने ही प्राथमिकी दर्ज कराई।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि ट्रस्ट चाहता है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद मंदिर में चढ़ावे की गिनती और रखरखाव से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
आलोक कुमार ने कहा कि ट्रस्ट की आंतरिक जांच में कुछ लोगों की भूमिका सामने आने के बाद करीब 80 लाख रुपये भी बरामद किए गए। इसके बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर एसआईटी गठित करने का आग्रह किया। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने पर ट्रस्ट ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराते हुए व्यापक जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि एसआईटी के अयोध्या पहुंचने पर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने स्वयं जांच एजेंसी से कहा कि सबसे पहले उनसे पूछताछ की जाए, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो सके।
निष्पक्ष जांच के लिए दिया इस्तीफा
विहिप अध्यक्ष ने कहा कि जब यह सवाल उठा कि पद पर बने रहने से चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा जांच को प्रभावित कर सकते हैं, तब दोनों ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। गौरतलब है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 27 जून को, मामले में एफआईआर दर्ज होने के दो दिन बाद अपने पदों से इस्तीफा दिया था।
आठ आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस अब तक अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एफआईआर में अन्य संभावित आरोपियों की जांच का भी प्रावधान रखा गया है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
विहिप ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों पर भी हमला बोला। आलोक कुमार ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ा था। उन्होंने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित पूर्व प्रधानमंत्रियों पी. वी. नरसिंह राव और राजीव गांधी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आरोप लगने के बावजूद उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद छोड़कर यह संदेश दिया कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
