राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : प्रतापगढ़ का युवक अविनाश निकला आरोपी, बेटे की गिरफ्तारी से सदमे में परिवार
महेशगंज के बाबूपुर नरियावां का रहने वाला है आरोपी, मां बोलीं— 'बेटा ऐसा नहीं था, किसी ने फंसा दिया होगा'
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में प्रतापगढ़ के महेशगंज निवासी अविनाश शुक्ला का नाम सामने आया है। एसआईटी ने उसे गिरफ्तार किया है। बेटे की गिरफ्तारी से परिवार सदमे में है।
प्रतापगढ़ अमृत विचार : इन दुनियों सुर्खियों में बना अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में प्रतापगढ़ का भी नाम आ गया है। अयोध्या कौशलपुरी में पकड़ा गया अविनाश शुक्ला जिले के महेशगंज का रहने वाला है। उसके पकड़े जाने की खबर मिलने से उसके माता-पिता अवाक रह गए। मामले को लेकर उसके गांव में तरह-तरह की चर्चा है।
महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर नरियावां निवासी राम सजीवन शुक्ला के पांच बेटों में दूसरे नंबर का अविनाश है। इनका बड़ा बेटा अभिषेक अयोध्या में शिक्षक बताया जा रहा है। दो साल पहले अविनाश भी भाई के साथ रोजगार के सिलसिले में अयोध्या चला गया था। वहां पर इसे राम मंदिर में चढ़ावा गिनने का काम मिल गया। जब चढ़ावा चोरी का मामला आया तो जांच तेज हुई।
अयोध्या के कौशलपुरी में किराए के कमरे में रहने वाला अविनाश भी पकड़ा गया। इस बात की जानकारी मिलने पर उसके पिता राम सजीवन और मां मिथिलेश समेत परिवार के लोग हैरान हो गए। मां ने कहा कि बेटा ऐसा तो नहीं था। पता नहीं किसके बहकावे में आकर उसने ऐसा गंदा काम कर दिया, हो सकता है उसे किसी साथी ने अपने फायदे के लिए फंसा दिया हो।
गांव में इस बात की चर्चा है कि अयोध्या पुलिस अविनाश को घर से पकड़कर तीन दिन पहले ले गई थी, लेकिन उसके माता-पिता ने घर पर पुलिस के आने की बात से अनभिज्ञता जताई। कहा कि मोबाइल पर चल रहे वीडियो से इसकी जानकारी रविवार शाम मिली थी। हमें विश्वास नहीं है कि बेटे ने ऐसा किया होगा।
एसआइटी से नहीं बच सका अविनाश
अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामले की जांच एसआइटी कर रही है। एसआइटी ने आठ आरोपियों के साथ अविनाश को भी शामिल किया है। उसके खिलाफ भी राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। हालांकि वह यह मामला सामने आने के बाद अयोध्या से हट गया था, लेकिन पुलिस ( एसआइटी ) से बच नहीं सका।
