भाजपा की राष्ट्रीय टीम में बढ़ सकती है यूपी की हिस्सेदारी, 3-4 जुलाई को लखनऊ में नितिन नबीन और बीएल संतोष का मंथन

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ, अमृत विचार:  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी अब राष्ट्रीय संगठन को भी चुनावी जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप देने जा रही है। प्रदेश इकाई के पुनर्गठन के बाद अब निगाहें भाजपा की राष्ट्रीय टीम पर टिक गई हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष 3 और 4 जुलाई को लखनऊ में संगठनात्मक मंथन करेंगे। इस दौरान विधानसभा चुनाव की रणनीति के साथ राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधित्व पर भी अंतिम चर्चा होने की संभावना है।

भाजपा नेतृत्व उत्तर प्रदेश को 2027 के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण राज्य मान रहा है। यही कारण है कि प्रदेश संगठन में व्यापक बदलाव के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्तर प्रदेश को अधिक प्रतिनिधित्व देने की तैयारी चल रही है। संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस बार राष्ट्रीय टीम में यूपी से दो राष्ट्रीय महामंत्री, तीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत लगभग दस पदाधिकारियों को जिम्मेदारी मिल सकती है।

लखनऊ में होने वाली दो दिवसीय बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह और वरिष्ठ संगठन पदाधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श होगा। इसी दौरान राष्ट्रीय टीम के संभावित नामों पर भी अंतिम सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में विधानसभा चुनाव की बूथ स्तर तक की तैयारियों, संगठन विस्तार और राजनीतिक अभियानों पर भी चर्चा होगी।

पार्टी ने 25 जून को उत्तर प्रदेश की नई प्रदेश कार्यकारिणी, क्षेत्रीय अध्यक्षों और छह मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा कर दी थी। संगठन में लगभग 70 प्रतिशत नए चेहरों को अवसर देकर भाजपा ने पहले ही मिशन-2027 का संकेत दे दिया है। अब उसी क्रम में राष्ट्रीय संगठन में भी पीढ़ीगत बदलाव और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है।

वर्तमान में भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से राधामोहन अग्रवाल और अरुण सिंह राष्ट्रीय महामंत्री हैं। वहीं लक्ष्मीकांत बाजपेयी, रेखा वर्मा और तारिक मंसूर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। सुरेंद्र नागर राष्ट्रीय मंत्री तथा राजेश अग्रवाल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां देकर संगठन में अपेक्षाकृत युवा चेहरों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

संभावित दावेदारों में इनके नामों की चर्चाएं

संभावित दावेदारों में पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, सांसद रेखा वर्मा, विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य अश्विनी त्यागी, अशोक कटारिया, गोविंद नारायण शुक्ल और संतोष सिंह के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।

हालांकि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव के बाद जिन वरिष्ठ नेताओं को संगठन में स्थान नहीं मिला, उन्हें राष्ट्रीय संगठन, बोर्ड-निगमों, आयोगों अथवा चुनावी समितियों में समायोजित करने की रणनीति पर भी काम हो सकता है।

योगी के साथ भी बैठक करेंगे नबीन और बीएल संतोष

सूत्रों के अनुसार लखनऊ प्रवास के दौरान नितिन नबीन और बीएल संतोष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित सरकार और संगठन के प्रमुख नेताओं से भी अलग-अलग बैठक करेंगे। इसके अलावा प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ संवाद कर आगामी चुनाव की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। भाजपा संगठन के लिए यह दो दिवसीय मंथन मिशन-2027 की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव माना जा रहा है।

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