Arunachal Pradesh Flood: रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा NDRF-SDRF, अचानक आई बाढ़ से बह गए 4 लोग; सीएम पेमा खांडू ने जताया दुख

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Published By Anjali Singh
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ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के पानी में बहे चार लोगों की तलाश के लिए प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को हुई भीषण बारिश के कारण आई इस आपदा में नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (नीपको) कॉलोनी से कुछ लोग बह गए थे, जिनका पता लगाने के लिए शुक्रवार सुबह से पन्योर लोअर जल विद्युत परियोजना के बांध की तरफ नौकाओं (Boats) की मदद से बड़ा खोजी अभियान शुरू किया गया है। बुधवार को आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद अब तक 35 वर्षीय एक महिला का शव बरामद हो चुका है, जबकि 17 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।

NDRF-SDRF की टीमें तैनात, मोबाइल नेटवर्क न होने से बाधा

राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने बताया कि शुक्रवार सुबह 7:30 बजे दोबारा तलाशी अभियान की शुरुआत की गई है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), जिला पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाके में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप होने के कारण बचाव कार्यों में भारी बाधा आ रही है। घटनास्थल से प्रशासनिक अधिकारियों तक जानकारी रुक-रुक कर ही पहुंच पा रही है, क्योंकि लोग नेटवर्क कवरेज वाली जगहों पर जाकर ही स्थिति की सूचना दे पा रहे हैं।

सो रहे मजदूरों पर गिरा भूस्खलन का मलबा

इस बीच, बृहस्पतिवार शाम को केयी पन्योर वेलकम गेट के पास स्थित एक पत्थर तोड़ने वाले संयंत्र (क्रशर प्लांट) के पास भीषण भूस्खलन (Landslide) हो गया। हादसे के वक्त मजदूर अपने शिविरों में सो रहे थे, जिससे वे मलबे के नीचे आंशिक रूप से दब गए। हालांकि, आपातकालीन बचाव दल के वहां पहुंचने से पहले ही उनके साथियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस हादसे में घायल चार मजदूरों को आपातकालीन इलाज मुहैया कराने के लिए पापुम पारे जिले की एक चिकित्सा टीम और एनडीआरएफ की बचाव टीम तैनात की गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घायलों की हड्डियां टूट गई हैं और सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि एक कर्मचारी सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद गंभीर हालत में है।

5 किलोमीटर पैदल चलकर जाएगी मेडिकल टीम

जिला प्रशासन के आकलन के मुताबिक, केयी पन्योर की तरफ से हादसे वाली जगह तक पहुंचना मुमकिन नहीं है, क्योंकि सबसे नजदीकी वाहन मार्ग लगभग 12 किलोमीटर दूर है और भूस्खलन प्रभावित इलाके में सिर्फ पैदल ही जाया जा सकता है। वहीं, पापुम पारे जिले में होज की तरफ वाला रास्ता अधिक सुलभ है, जिसमें लगभग 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शामिल है। इस आकलन के बाद पापुम पारे जिला प्रशासन ने जरूरी दवाओं और आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों के साथ एक मेडिकल टीम रवाना की है। एक मजदूर की हालत बिगड़ने पर एनडीआरएफ की 12वीं बटालियन से भी मदद मांगी गई है। दोनों दल ईटानगर से रवाना होकर होज में मिलेंगे और वाहन मार्ग के आखिरी बिंदु से घटनास्थल तक पैदल कूच करेंगे।

128 परिवार प्रभावित, सीएम पेमा खांडू ने जताया गहरा दुख

इस आपदा के बीच केयी पन्योर और पापुम पारे जिलों में बंद पड़े सड़क संपर्क को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। ज्ञात हो कि बुधवार सुबह केयी पन्योर जिले के पूसा में नीप科 (नीपको) कॉलोनी इलाके में अचानक आई बाढ़ से कई घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे और कई जगहों पर भूस्खलन हुआ था।

शुरुआती आकलन के अनुसार, बाढ़ की वजह से नीपको कॉलोनी में लगभग 30 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए हैं, जबकि पोसा और पिटापूल इलाकों में 10 घर पूरी तरह से और 14 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिले में कुल 128 परिवार इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। विस्थापित लोगों के लिए नीपको परिसर में ही एक राहत शिविर स्थापित किया गया है, जहां वर्तमान में 60 लोग शरण लिए हुए हैं। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस पूरी त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से हरसंभव पूरी मदद देने का भरोसा दिलाया है।

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