जौनपुर में गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम 

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Published By Anjali Singh
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में शुक्रवार को यौमें आशूरा (10वीं मुहर्रम) बेहद गमगीन माहौल में मनाया गया। अकीदतमंदों और अजादारों ने अपने-अपने अज़ाखानों में रखे पारंपरिक ताजियों को स्थानीय कर्बला बेगमगंज ले जाकर पूरी अकीदत के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। इस संवेदनशील और बड़े आयोजन के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद नजर आई। विशेष रूप से बेगमगंज स्थित सदर इमामबाड़ा और उसके आस-पास भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।

पूरी रात चला नोहा-मातम, फज्र की नमाज के बाद अलविदा नौहा

इससे पहले, नौवीं मुहर्रम की पूरी रात नगर के शिया बहुल इलाकों जैसे बलुआघाट, कल्लू इमामबाड़ा, पान दरीबा, पुरानी बाजार, पोस्तीखाना, मुफ्ती मोहल्ला और छोटी लाइन इमामबाड़ा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर मजलिसों का दौर चला। अजादारों ने पूरी रात नोहा और मातम कर कर्बला के शहीदों को अपनी नज़राने अकीदत पेश की।

शुक्रवार सुबह फज्र की नमाज अदा करने के बाद, अजादारों ने भावुक कर देने वाला अलविदा नौहा पढ़ कर हजरत इमाम हुसैन को रुखसत किया। इसके बाद अकीदतमंदों ने सुबह के आमाल अदा किए और शाम को इमामबाड़ों में 'शाम-ए-गरीबा' की विशेष मजलिस संपन्न हुई, जिसमें कर्बला की उस ऐतिहासिक रात के दर्द को याद किया गया। पूरे क्षेत्र में हर तरफ बस "या हुसैन, या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं।

क्या है कर्बला की ऐतिहासिक अहमियत?

धार्मिक मान्यताओं और इतिहास के अनुसार, लगभग 1400 साल पहले दस मुहर्रम के दिन ही हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों को कर्बला के मैदान में यज़ीदी हुकूमत की फौजों ने तीन दिन का भूखा-प्यासा शहीद कर दिया था। यजीद की फौज ने मासूम बच्चों पर भी जुल्म ढाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। यहाँ तक कि इमाम हुसैन के छह महीने के मासूम बच्चे जनाबे अली असगर को भी, जिन्हें वह पानी पिलाने के लिए कर्बला के मैदान में लेकर गए थे, प्यासा शहीद कर दिया गया था। यही वजह है कि हर साल दसवीं मुहर्रम को उनकी शहादत की याद में 'यौमें आशूरा' के रूप में मनाया जाता है।

जिलेभर में कड़ी सुरक्षा, प्रशासनिक अधिकारी रहे मुस्तैद

जौनपुर नगर के मुख्य इलाकों के साथ-साथ जिले के अन्य प्रमुख कस्बों और क्षेत्रों जैसे शाहगंज, खेतासराय, मड़ियाहूं, खुटहन, केराकत, मछली शहर, रामपुर और मुंगरा बादशाहपुर में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से ताजिए दफन किए गए। सभी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

इस पूरे आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी (DM) सैमुअल पॉल एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुंवर अनुपम सिंह खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रनंदन सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अनीता सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ मुस्तैद रहा।

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