Lucknow Fire Tragedy : अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में अबतक 18 की मौत, CM ने की हाई लेवल मीटिंग, दो सदस्यीय एसआईटी गठित

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Published By Deepak Mishra
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भूमिगत व भूतल में पेट शॉप, क्लीनक व पेट डे-केयर सेंटर, पहली मंजिल पर लाइब्रेरी, दूसरी पर था हेड हॉपर स्टूडियो

अलीगंज सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला व्यावसायिक भवन में दोपहर 2.15 बजे शार्ट सर्किट से आग लग गई। हादसे में 18 युवाओं की मौत हो गई। जिसमें छह महिलाएं व 12 पुरुष शामिल है। हादसा होते ही करीब एक दर्जन युवाओं ने भवन से कूदकर अपनी जान बचाई। जिसमे नौ लोग घायल हो गए।

लखनऊ, अमृत विचार। अलीगंज सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला व्यावसायिक भवन में दोपहर 2.15 बजे शार्ट सर्किट से आग लग गई। हादसे में 18 युवाओं की मौत हो गई। जिसमें छह महिलाएं व 12 पुरुष शामिल है। हादसा होते ही करीब एक दर्जन युवाओं ने भवन से कूदकर अपनी जान बचाई। जिसमे नौ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।

उधर, आग की सूचना मिलते ही पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। मौके पर दो दर्जन फायर टेंडर के साथ टीमें पहुंची। मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ भी पहुंची। राहत कार्य पांच घंटे से अधिक चला। हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे। मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। 

अलीगंज के सेक्टर-डी में वीरेंद्र शुक्ला का भूखंड है। जिस पर बेसमेंट, भूतल, प्रथम, द्वितीय व तृतीय तल पर निर्माण हुआ है। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक है। दूसरे फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और हेड हॉपर स्टूडियो है, जिसमें थ्रीडी आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है। दोपहर 2.15 बजे के करीब अचानक पहली मंजिल पर आग लग गई।

आग की लपटों ने देखते देखते पूरे भवन को अपनी जद में ले लिया। आग ऊपर व नीचे तक पहुंच गई। लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्र, थ्रीडी आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग के कर्मचारी अंदर फंस गए। बेसमेंट व भूतल पर चल रहे पेट शॉप व पेट डे-केयर सेंटर में भी पालतू जानवर व कर्मचारी फंस गए। लाइब्रेरी के छात्रों ने बचने का रास्ता नहीं मिला तो कई ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। जान बचाने के लिए जयंत नाम का छात्र पहली मंजिल से कूद गया। जबकि पांच युवा तारों के सहारे लटककर नीचे उतरे।

दीवार काटने के बाद शुरू हुआ राहत कार्य 

पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया कि एसी में शार्ट सर्किट से आग लगी है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। आग की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तत्काल आसपास का रास्ता बंद कराया। वहीं, मौके पर 20 फायर टेंडर पहुंचे। अग्निशमन कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के लिए सामने से पानी की बौछारें मारनी शुरू की। पर, कोई खास अंतर नहीं दिखा। इसके बाद पास के भवन की छत पर पहुंची पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम ने व्यावसायिक भवन की दीवार काटी। इसके बाद स्मोक एक्जास्ट लगाकर राहत कार्य शुरू किया। इसी बीच एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने राहत कार्य शुरू किया। 

भवन में नहीं था इमरजेंसी निकास 

अलीगंज के सेक्टर-डी में वीरेंद्र शुक्ला का भूखंड है। वह सीतापुर रोड पर गोविंदपुरम स्थित रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज (आरआईटीएम) के मालिक है। भवन का नक्शा उनके भाई धीरेंद्र शुक्ला व सुरेंद्र शुक्ला के नाम से पास है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भवन में इमरजेंसी निकास नहीं था। जिसके कारण अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। 

शव के लिए कम पड़ी एंबुलेंस, फफक पड़े डिप्टी सीएम

आग लगने की सूचना मिलते ही करीब 3.15 बजे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंच गये। उन्होंने लगातार राहत कार्य में अधिकारियों को निर्देश दिया। इसी बीच उत्तरी क्षेत्र के भाजपा विधायक नीरज बोरा भी मौके पर पहुंचे। शाम करीब 4.45बजे के करीब शव निकाले जाने लगे।  एक के बाद एक पास के भवन के रास्ते शव निकाले जा रहे थे। मौके पर जितने शव थे उनके मुकाबले में एंबुलेंस कम थी। इसे देख डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक फफक पड़े। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद आनन-फानन मौके पर दो दर्जन से अधिक एंबुलेंस पहुंच गई। 

आग लगने पर ऑटोमैटिक लॉक नहीं खुला

हादसे में सुखमनी (23) की मौत हो हुई है। उनके दोस्त यश ने बताया- सुखमणि थ्रीडी एनीमेशन के ऑफिस में चार साल से नौकरी कर रहे थे। ऑफिस में करीब 40 लोग काम करते हैं। ऑफिस का मुख्य गेट थंब इंप्रेशन से खुलता था। आग फैलने के बाद गेट ऑटोमैटिक लॉक था। उसे खोलने में देरी हुई। जिसकी वजह से हादसा और ज्यादा गंभीर हो गया।

इनकी हुई मौत 

हादसे में सागर (27), नीलेश (27), अनामिका (28), अनुक्षा (25), सुमल्या (30), शाहजान (19), आदित्य श्रीवास्तव (23), अब्दुल रहमान (24), सुखमनी (23), अम्मार, जैनिल, ज्योति, संयम, भविष्य व सूरज। 

ये हुए घायल 

जयंत, लवप्रीत, मो. आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी, गौरव कुमार।

CM ने की हाई लेवल मीटिंग, दो सदस्यीय एसआईटी गठित

लखनऊ में हुए अग्निकांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानथ ने उच्च स्तरीय बैठक कर घटना की समीक्षा की। बैठक में राहत एवं बचाव कार्य, घायलों के उपचार और घटना के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए हैं।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है जिसे सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। विशेष जांच दल में अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग और प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन हैं।

यह दल अग्निकांड के कारणों, सुरक्षा मानकों में संभावित लापरवाही और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए हैं।

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