लखनऊ अग्निकांड : नक्शे से अलग हुआ था निर्माण, फायर एनओसी भी नहीं, जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित जिस इमारत में भीषण आग लगने से 15 बच्चों और युवाओं की जान चली गई, उसे लेकर जांच में गंभीर अनियमितताओं की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार भवन का मानचित्र तो स्वीकृत था, लेकिन निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं किया गया था।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित जिस इमारत में भीषण आग लगने से 15 बच्चों और युवाओं की जान चली गई, उसे लेकर जांच में गंभीर अनियमितताओं की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार भवन का मानचित्र तो स्वीकृत था, लेकिन निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं किया गया था।
जानकारी के मुताबिक भवन निर्माण के दौरान निर्धारित सेटबैक क्षेत्र को भी कवर कर लिया गया था, जिससे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ। बताया जा रहा है कि यह मानचित्र धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला के नाम पर स्वीकृत हुआ था। हादसे के बाद सामने आया है कि भवन में फायर एनओसी भी नहीं थी। ऐसे में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा प्रबंधों और आपातकालीन निकास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि इमारत के भूतल पर पालतू पशुओं से संबंधित दुकान संचालित हो रही थी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर थ्री-डी आर्ट स्टूडियो और बच्चों की लाइब्रेरी चल रही थी। आग लगने के समय परिसर में बड़ी संख्या में बच्चे और युवा मौजूद थे।
एलडीए ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित की समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। समिति यह जांच करेगी कि भवन निर्माण में किन नियमों का उल्लंघन हुआ, फायर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस दर्दनाक हादसे ने शहर में संचालित व्यावसायिक और शैक्षणिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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