मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट! अमेरिका ने ईरान पर पर की एयरस्ट्राइक, जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत को दागीं मिसाइलें

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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दुबई: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के सैन्य ठिकानों पर दूसरे दौर की बड़ी एयरस्ट्राइक की। इस कार्रवाई से बौखलाए ईरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर पलटवार किया है। ताजा हमलों के बाद दोनों महाशक्तियों के बीच युद्ध रोकने के लिए हुआ अंतरिम सीजफायर समझौता पूरी तरह टूटने की कगार पर है। विशेष रूप से कुवैत पर रविवार तड़के हुआ हमला, शांति समझौते के बाद से उस पर किया गया पहला हमला है।

ट्रंप की दोटूक चेतावनी: "मिट जाएगा ईरान का अस्तित्व"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने साफ कहा कि यह हमला ईरान द्वारा सीजफायर के लगातार उल्लंघन के जवाब में किया गया है। ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए लिखा:

"एक वक्त ऐसा आ सकता है जब अमेरिका के लिए संयम रखना मुमकिन नहीं होगा और हम पूरी सैन्य ताकत से काम तमाम करने को मजबूर होंगे। अगर ऐसा हुआ, तो 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' का अस्तित्व हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।"

अमेरिका ने ईरान के इन ठिकानों को किया तबाह

'यूएस सेंट्रल कमांड' (US Central Command) के मुताबिक, समुद्र में एक कमर्शियल शिप पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी वायुसेना ने कड़ा एक्शन लिया। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे और संचार प्रणालियों (Communication Systems), हवाई रक्षा ठिकानों (Air Defence Bases), ड्रोन स्टोरेज सेंटर्स और बारूदी सुरंग (माइन्स) बिछाने वाली इकाइयों को सीधे निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया।

'किकू' तेल टैंकर पर हमला

तनाव की शुरुआत तब हुई जब पनामा के झंडे वाले और कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी के कच्चे तेल से लदे टैंकर 'किकू' पर फारस की खाड़ी में हमला हुआ। बता दें कि कतर इस पूरे विवाद में अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा के लिए ओमान के पास एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग का विस्तार किया जा रहा है, जिससे ईरान भड़का हुआ है।

बहरीन और कुवैत में हड़कंप

- कुवैत का एक्शन: कुवैत की सेना (जहां अमेरिकी थल सेना का मुख्य बेस है) ने बताया कि रविवार तड़के उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

- बहरीन की निंदा: बहरीन के विदेश मंत्रालय ने अपने देश पर हुए कई ईरानी ड्रोन हमलों को आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खुला खतरा बताया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का 'पांचवां बेड़ा' तैनात है।

- ईरान का दावा: दूसरी ओर, ईरान के अर्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने दावा किया है कि उन्होंने क्षेत्र में मौजूद 'अमेरिकी आतंकवादी सेना' के ठिकानों पर हमला बोला है।

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