जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग की कार्रवाई को सपा ने बताया राजनीतिक साजिश, बोले आसिम राजा- कानूनी लड़ाई जारी रहेगी
रामपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) ने जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़े जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग की कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखा जाएगा और न्यायिक लड़ाई जारी रहेगी।
शनिवार को जेल रोड स्थित सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जौहर ट्रस्ट की चेयरपर्सन एवं आजम खान की बहन निखत अखलाक, सपा नगर अध्यक्ष आसिम राजा और जिलाध्यक्ष अजय सागर मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता के दौरान आसिम राजा ने कहा कि आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट को मिलने वाली आयकर छूट से संबंधित पंजीकरण निरस्त किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले को कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी और ट्रस्ट अपने सभी वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करेगा।
आसिम राजा ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक कारणों से जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े संस्थानों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था कि जौहर ट्रस्ट का विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से सीधा संबंध नहीं है, लेकिन संस्थान की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी एजेंसियों को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए। उनके मुताबिक, आयकर विभाग ने कम समय में जिस तरह कार्रवाई की है, उस पर सवाल उठते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित कानून ट्रस्ट को अपना पक्ष रखने और कानूनी बचाव का पूरा अधिकार देता है, जिसका इस्तेमाल किया जाएगा।
आसिम राजा ने आयकर विभाग की कार्रवाई को गलत बताते हुए इसे सुनियोजित कदम करार दिया। उनका आरोप था कि सरकार राजनीतिक कारणों से एजेंसियों के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि संस्थान को कमजोर करने की कोशिश सफल नहीं होगी।
जौहर ट्रस्ट की चेयरपर्सन निखत अखलाक ने कहा कि कानून हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाएगा और सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आजम खान अब तक कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखते आए हैं और आगे भी यह लड़ाई कानूनी तरीके से जारी रहेगी।
