Ayodhya News : आस्था व सुविधा का संगम, छह पावन स्थलों का बदला स्वरूप, परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए तैयार हुईं अत्याधुनिक सुविधाएं

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Published By Deepak Mishra
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भगवान राम की नगरी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित छह प्रमुख आश्रमों का व्यापक विकास कार्य पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग की पहल पर 20.64 करोड़ रुपये की लागत से इन आश्रमों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।

अयोध्या, अमृत विचार: भगवान राम की नगरी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित छह प्रमुख आश्रमों का व्यापक विकास कार्य पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग की पहल पर 20.64 करोड़ रुपये की लागत से इन आश्रमों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इससे तीर्थयात्रियों को बेहतर ठहराव, खान-पान और पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।

इस परियोजना के तहत श्रवण कुमार आश्रम, आस्तिक आश्रम, ऋषि च्यवन आश्रम, मेधा ऋषि आश्रम, श्री बन्धू बाबा आश्रम और महर्षि बामदेव आश्रम में व्यापक निर्माण कार्य किया गया। इन स्थलों पर विश्राम गृह, शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, खान-पान की दुकानें, स्तंभ, प्रवेश द्वार, साइनेजेस तथा सीटिंग इंटरप्रिटेशन वॉल का निर्माण पूरा किया गया है।

कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा ने बताया कि परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब इन आश्रमों में आरामदायक विश्राम, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और स्थानीय व्यंजनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इंटरप्रिटेशन वॉल के माध्यम से भक्तों को इन पावन स्थलों के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।

यात्रियों को आश्रमों में आराम करने की सुविधा

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह विकास कार्य धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा। अयोध्या धाम पहले से ही राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, नया घाट और अन्य पावन स्थलों के कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। चौरासी कोसी यात्रा पथ का विकास इन आश्रमों को और अधिक आकर्षक बनाएगा। यात्रियों को अब लंबी यात्रा के दौरान थकान महसूस होने पर इन आश्रमों में रुककर आराम करने और अपनी आस्था को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से युक्त हुए आश्रम

इन आश्रमों में निर्मित संरचनाएं पर्यावरण अनुकूल और पर्यटक-अनुकूल हैं। सुंदर प्रवेश द्वार, मजबूत स्तंभ, आकर्षक साइनेज और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था यात्रियों के अनुभव को यादगार बनाएगी। खान-पान की दुकानों में स्थानीय और सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है, जिससे तीर्थयात्रियों को शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन मिल सकेगा। शौचालय और पेयजल की सुविधाएं स्वच्छता के उच्च मानकों पर आधारित हैं। महर्षि बामदेव आश्रम, श्रवण कुमार आश्रम जैसे पावन स्थलों का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है।

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