अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण : SIT जांच के 7 दिन पूरे, किसी भी समय सौंपी जा सकती है CM योगी को रिपोर्ट
राम मंदिर में श्रद्धालुओं से चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और गबन के आरोपों ने पूरे देश में सनसनी फैला रखी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार से गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच के सात दिन रविवार को पूरे हो चुके हैं।
अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर में श्रद्धालुओं से चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और गबन के आरोपों ने पूरे देश में सनसनी फैला रखी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार से गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच के सात दिन रविवार को पूरे हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक 175 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट किसी भी समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जा सकती है, जिसमें बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि कानूनी सलाह लेने के बाद इस पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। एसआईटी टीम को जांच के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट देने के लिए सात दिन समय निर्धारित किया गया था। जबकि फाइनल रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय तय किया गया था। टीम सोमवार को अयोध्या पहुंची थी, छह दिन जांच के बाद शनिवार को टीम वापस लखनऊ चली गई।
बताया जा रहा है कि अब तक हुई जांच को करीब 175 पन्नों की फाइल में बदल दिया गया है। इसे किसी भी समय मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार पीएमओ कार्यालय से भेजे गए एक आईपीएस अधिकारी की रिपोर्ट को भी इसमें शामिल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दोनों रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी सलाह भी ली जा सकती है। माना यह भी जा रहा है कि एफआईआर जैसी कार्रवाई के लिए एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ सकता है।
फाइनल रिपोर्ट के लिए एसआईटी मांग सकती और समय
सूत्रों के अनुसार चढ़ावे में घपले के आरोपों की जांच के दौरान एसआईटी को दान में मिले जेवरात व जमीन खरीद फरोख्त में भी भारी अनियमितता मिली है। इसकी जांच में काफी समय भी लग सकता है। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे में घपला करने के आरोपों को ही प्राथमिकता दी गई है। संभावना जताई जा रही है अन्य जांच के लिए एसआईटी और समय मांग सकती है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उन्हें बाहर जाने या राज्य छोड़ने पर अप्रत्यक्ष रोक लगाई गई है।
कोषाध्यक्ष भी एसआईटी के समक्ष दर्ज करा सकते बयान
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष होने के कारण गोविंद देव गिरी का बयान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि वह मंगलवार या किसी अन्य दिन एसआईटी के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। बताया जा रहा है कि उनका बयान भी जांच में अहम भूमिका निभाएगा। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ने ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना बयान दर्ज कराया है।
चढ़ावे की पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा : राठौर
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अयोध्या पहुंचे सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने राम मंदिर में कथित दान घोटाले के मामले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच एसआईटी से की जा रही है और चढ़ावे की पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा। कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। मंदिर निर्माण के लिए अनेक लोगों ने वर्षों तक संघर्ष किया और बलिदान दिया है। ऐसे में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी बेहद गंभीर विषय है। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस मामले में निष्पक्ष जांच का संकल्प लिया है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बैंक कर्मियों और गणना कर्मियों को गड़बड़ी करने का अवसर मिला, यदि मंदिर ट्रस्ट सतर्क होता तो ऐसी स्थिति पैदा न होती।
