Rampur News : जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने जारी किया नोटिस

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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भूमि आवंटन, ट्रस्ट संचालन को लेकर 37 पेज का नोटिस जारी, 23 जून तक ट्रस्ट सदस्यों से मांगा जवाब

रामपुर, अमृत विचार। सपा नेता आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने 37 पन्नों का विस्तृत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में ट्रस्ट के आयकर पंजीकरण पर सवाल उठाए गए हैं। पीसीआईटी (सेंट्रल), लखनऊ द्वारा जारी इस नोटिस में ट्रस्ट से वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक की गतिविधियों और पंजीकरण की शर्तों के पालन पर 23 जून तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। हालांकि मामले में जौहर विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर जहीरुद्दीन ने कहा कि नोटिस की जानकारी मिली है, लेकिन वो बाहर हैं। रामपुर आकर उसको पढ़कर ही कुछ बता पाएंगे। 

इसमें चैरिटेबल ट्रस्ट होने के नाते जौहर ट्रस्ट को दी गई आयकर छूट को निरस्त किए जाने को लेकर जवाब मांगा गया है। आरोप है कि आजम खां ने जौहर ट्रस्ट के नाम पर सरकारी जमीन और सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया। चैरिटी के नाम पर बनाए गए ट्रस्ट को निजी व पारिवारिक ट्रस्ट बना डाला। मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया, सरकारी धन को जौहर यूनिवर्सिटी में लगाया। आजम खान के जौहर ट्रस्ट में गड़बड़ी की शिकायत करने वाले आकाश सक्सेना ने आयकर विभाग के नोटिस को लेकर कहा कि शिकायतें तो बहुत हैं, जो पहले भी की चुकी थीं। उन्हीं शिकायतों को लेकर कई बार इनकम टैक्स की तरफ से नोटिस भी जारी हुए, लेकिन इन लोगों ने कभी किसी नोटिस का संज्ञान नहीं लिया। कभी किसी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। आज के समय में जो सबसे बड़ा घोटाला है, वो जौहर यूनिवर्सिटी का ट्रस्ट है। आजम खां के ट्रस्ट में एक व्यक्ति को छोड़ दें तो सारे सदस्य उनके परिवार के हैं। जैसे उनके दोनों बेटे हैं, उनकी पत्नी हैं, उनकी बहन हैं और इस तरीके के लोग हैं, जो पूरे तरीके से आजम खां के साथ हैं। नोटिस में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 18 मार्च 2024 के फैसले और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला दिया गया है।

विभागीय नोटिस के अनुसार हाईकोर्ट ने जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट के भूमि लीज मामले में ट्रस्ट को "फैमिली रन ट्रस्ट" करार दिया था। साथ ही तत्कालीन मंत्री आजम खान पर पद के दुरुपयोग और हितों के टकराव को लेकर गंभीर टिप्पणियां की थीं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को भी नोटिस का आधार बनाया गया है। आयकर विभाग ने नोटिस में कहा है कि ट्रस्ट को वर्ष 2005 में मिले पंजीकरण और बाद में हुए नवीनीकरण की विभिन्न शर्तों का पालन नहीं किया गया। दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि ट्रस्ट द्वारा सार्वजनिक हित के उद्देश्यों को पूरा न करने, भूमि उपयोग संबंधी शर्तों के उल्लंघन और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप विभिन्न सरकारी रिपोर्टों और न्यायिक आदेशों में सामने आए हैं। विभाग का मानना है कि प्रथम दृष्टया ट्रस्ट ने आयकर की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त करने की कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है। नोटिस के मुताबिक, ट्रस्ट को 23 जून 2026 को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

जौहर ट्रस्ट नहीं है यह एक तरीके से यह परिवार है
विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि यह ट्रस्ट नहीं है यह एक तरीके से परिवार है, जो पूरी प्लानिंग के साथ बनाया है। जौहर विवि में 350 एकड़ से ज्यादा जमीन है, विवि में 560 एकड़ में है। 350 एकड़ से ज्यादा भूमि सरकारी है। जिसे कोर्ट में साबित कर चुके हैं। आकाश सक्सेना ने कहा कि कोई भी अगर शिक्षा संस्थान होता है तो वह शिक्षा का मंदिर होता है, उस मंदिर में वहां आप मस्जिद का निर्माण करते हैं। किसी भी शिक्षा संस्थान में गुरुद्वारा है, मंदिर है, मस्जिद है, आप सब बनाइये। लेकिन सिर्फ मस्जिद बनाकर क्या संदेश देना चाहते है।

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