Noida International Airport: जेवर की पहली उड़ान के हमसफर बने जमीनदाता किसान, बयां की खुशी; कहा- साकार हुआ सपना

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Published By Anjali Singh
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नोएडा। उत्तर प्रदेश के विकास मानचित्र पर सोमवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Noida International Airport) से पहली वाणिज्यिक यात्री उड़ान ने लखनऊ के लिए उड़ान भरी। इस पहली उड़ान के साक्षी और यात्री कोई और नहीं, बल्कि जेवर क्षेत्र के वही ग्रामीण और किसान बने, जिन्होंने इस भव्य ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें अधिग्रहित कराई थीं।

हाथों में बोर्डिंग पास थामे हवाई अड्डे पहुंचीं ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्ग किसानों के चेहरों पर अपनी ही त्याग की भूमि से आसमान छूने का गर्व साफ दिखाई दे रहा था। लखनऊ पहुंचने पर इन सभी खास यात्रियों का स्वागत खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाना तय था।

किसानों से सीएम योगी का संवाद, मुस्लिम किसान ने की जमकर तारीफ

हवाई अड्डे के पहले चरण के लिए अपनी जमीन देने वाले परिवारों में शामिल अबरार खान ने भावुक होते हुए कहा, "नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लखनऊ जाने वाली पहली उड़ान में यात्रा करना हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है। जिस सपने को हमने देखा था, वह आज हमारे सामने साकार हो रहा है।"

'सपना आज साकार हुआ' – ग्रामीणों ने बयां की खुशी

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अबरार ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस पहली ऐतिहासिक उड़ान का हिस्सा बनने का विशेष निमंत्रण मिला था, जो पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़े सम्मान की बात है।

वहीं, पास के ही गांव की रहने वाली हेरा राशिद ने इसे एक अद्भुत अनुभव बताते हुए कहा कि यह यात्रा उनके लिए पूरी तरह नि:शुल्क है और लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं।

"महाराज जी, जो जमीन कभी पैरों के नीचे थी, आज उसी के ऊपर उड़कर आए हैं" जैसे ही किसानों का दल मुख्यमंत्री आवास में दाखिल हुआ, सीएम योगी ने खुद आगे बढ़कर उनका स्वागत किया। किसानों के हाथों में बोर्डिंग पास देखकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान तैर गई।

"राम-राम शाहब! आज आपका ये रूप देखकर मेरा मन आनंदित हो गया। जिन हाथों ने हमेशा हल चलाकर देश का पेट भरा, आज उन त्यागी हाथों में हवाई जहाज का बोर्डिंग पास देखना नए उत्तर प्रदेश की सबसे खूबसूरत तस्वीर है।"

बुजुर्ग किसान अबरार खान ने कहा,  "महाराज जी, सच कहें तो कल रात से नींद नहीं आई। जिस पुश्तैनी जमीन पर हम कभी नंगे पैर हल चलाते थे, आज उसी जमीन से आसमान में उड़कर सीधे आपसे मिलने लखनऊ आ गए। हमारा तो सपना आज साक्षात साcorporate (साकार) हो गया। आपने हमें जो इज्जत दी है, वो सात पीढ़ियां याद रखेंगी।"

"सफर मुफ्त का... और मुलाकात मुख्यमंत्री से, ऐसी तो किस्मत खुल गई हमारी!" संवाद में जब महिलाओं की बारी आई, तो जेवर के ग्रामीण अंचल से आईं महिलाओं के चेहरे की खुशी देखने लायक थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के रोमांच के बारे में बताया।

महिला यात्री हेरा राशिद ने कहा, "मुख्यमंत्री जी, हमारे गांव में तो सब हैरान हैं! एक तो पहली बार हवाई जहाज में बैठने का मौका मिला, वो भी बिल्कुल मुफ्त... और ऊपर से सीधे आपके दर्शन हो गए। लखनऊ आने का ये सफर हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन बन गया है।"

सीएम योगी ने कहा, "यह कोई मुफ्त की यात्रा नहीं है माता जी। यह तो आपके उस बड़े दिल का कर्ज है, जो आपने देश के विकास के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन देकर चुकाया है। अगर जेवर के किसानों का यह त्याग न होता, तो आज यह हवाई अड्डा खड़ा न हो पाता। यह उड़ान आपके सम्मान की उड़ान है।"

"वादा याद है न महाराज?" वही खांटी ग्रामीण अंदाज में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने बहुत ही अधिकार और अपनेपन से मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी, जिसने माहौल को और भी रोचक बना दिया।

बुजुर्ग किसान, "महाराज जी! हवाई अड्डा देखकर और हवाई यात्रा करके छाती चौड़ी हो गई है। हमारी जमीन देश के काम आई, इससे बड़ा कोई संतोष नहीं। पर एक बात कहें... जमीन लेते वक्त अफसरों ने वादा किया था कि हमारे बच्चों को रोजगार मिलेगा। वो आस अभी भी बाकी है।"

"बाबा, आपकी बेबाकी ही हमारे किसानों की असली ताकत है। आप बिल्कुल चिंता मत करिए। जिसने उत्तर प्रदेश के भविष्य के लिए अपनी छाती पर पत्थर रखकर अपनी पुश्तैनी जमीन दे दी, उसके बच्चों के भविष्य की चिंता करना इस सरकार की पहली जिम्मेदारी है। जेवर में सिर्फ हवाई अड्डा नहीं बन रहा, वहां उद्योगों की पूरी कतार आ रही है। स्थानीय युवाओं को रोजगार में पहली प्राथमिकता मिलेगी। आपका यह बेटा आपके साथ कोई वादाखिलाफी नहीं होने देगा।" 

विकास से खुशी, लेकिन रोजगार की आस बाकी

हवाई अड्डे के लिए अपनी 30 बीघा पुश्तैनी जमीन समर्पित करने वाले एक 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने क्षेत्र में हो रहे इस अभूतपूर्व विकास पर प्रसन्नता व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने अपना हक जताते हुए यह भी कहा कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें रोजगार देने का जो आश्वासन मिला था, वह अभी तक पूरा नहीं हो सका है, जिसकी उन्हें उम्मीद है।

"खेत में हल चलाने वाले हाथों में आज बोर्डिंग पास हैं"

AI फोटो
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जेवर क्षेत्र के विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस ऐतिहासिक अवसर पर किसानों के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि यात्री सेवाओं की यह शुरुआत केवल एक नए हवाई मार्ग का खुलना नहीं है, बल्कि देश के विकास में हमारे किसानों के अप्रतिम योगदान का प्रतीक है।

विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा, "जिन परिवारों ने राष्ट्रीय हित और उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन समर्पित कर दी, आज वही परिवार उसी धरती से आसमान की ओर उड़ान भर रहे हैं। जो हाथ कभी खेतों में हल चलाते थे, आज गौरव के साथ उन्हीं हाथों में बोर्डिंग पास हैं।"

उन्होंने आगे जोड़ा कि जेवर के किसानों का लखनऊ के लिए यह सफर केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भारत के विकास, किसानों के सम्मान और बदलते उत्तर प्रदेश का एक प्रतीकात्मक ऐतिहासिक सफर है।

पश्चिमी यूपी को मिलेगी आर्थिक रफ्तार

सोमवार से शुरू हुई इस यात्री उड़ान सेवा के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब लखनऊ सहित देश के अन्य प्रमुख गंतव्यों से सीधे जुड़ गया है। इस हवाई अड्डे के चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे बड़े पैमाने पर आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस महत्वाकांक्षी हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी, और इसी वर्ष 28 मार्च को इसका औपचारिक उद्घाटन किया गया था।

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