Barabanki News: बाराबंकी में मानसून की देरी से बढ़ी गर्मी और उमस, 41 डिग्री तापमान में 44 डिग्री जैसा अहसास
बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी समेत आसपास के इलाकों में मानसून की देरी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कभी जल्दी तो कभी देर से मानसून आने की खबरों के बीच लोग राहत भरी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से आसमान में बादल तो उमड़-घुमड़ रहे हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे बढ़ जा रहे हैं। इससे गर्मी और उमस का असर लगातार बढ़ता जा रहा है।
धूप बरसा रही आग
जिले में अधिकतम तापमान भले ही 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, लेकिन तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को 44 डिग्री जैसी गर्मी का एहसास हो रहा है। सुबह से ही निकलने वाली तीखी धूप दोपहर तक और अधिक तपिश बढ़ा रही है। बाहर निकलने वाले लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं और चिलचिलाती धूप में कुछ देर रुकना भी मुश्किल हो गया है।
रात की राहत भी गायब
दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है। गर्म हवाओं और बढ़ी हुई नमी ने रात की नींद भी छीन ली है। लोगों का कहना है कि पहले रात के समय कुछ राहत मिल जाती थी, लेकिन इस बार देर रात तक उमस और बेचैनी बनी रहती है। स्कूल खुलने का समय नजदीक आने से बच्चों और अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।
बिजली की कटौती से परेशानी
गर्मी के बीच बिजली की बढ़ती मांग ने विभाग की चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उपकेंद्रों पर लोड बढ़ गया है। बिजली विभाग ओवरलोडिंग से बचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन स्थानीय खराबियों और बार-बार हो रही बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं। पंखे और कूलर बंद होने से गर्मी का असर और बढ़ जाता है।
बुजुर्गों को सता रहा सूखे का डर
बदलते मौसम के मिजाज को लेकर बुजुर्ग भी चिंता जता रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी दयाशंकर उर्फ राजू का कहना है कि मानसून की लेटलतीफी अच्छे संकेत नहीं हैं। अगर बारिश सामान्य से कम हुई तो सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिसका असर खेती और जल संकट पर भी पड़ सकता है। ऐसे में लोगों की निगाहें अब मानसून की दस्तक पर टिकी हैं।
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