Barabanki News : सरकारी आवास में लहलहाई हरियाली, एसडीएम अनुराग सिंह बने जैविक खेती के ब्रांड एंबेसडर

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Published By Deepak Mishra
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एसडीएम अनुराग सिंह ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच उगाईं सब्जियां, लगाए फलदार और छायादार पौधे, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का दे रहे संदेश...

रिशू गुप्ता/ रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने की अनूठी मिसाल पेश करते हुए रामसनेहीघाट के उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह ने अपने सरकारी आवास को हरियाली, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता का आदर्श मॉडल बना दिया है। उनके आवास परिसर में विकसित की गई जैविक बगिया इन दिनों क्षेत्र में चर्चा और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।

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एसडीएम अनुराग सिंह ने अपने सरकारी आवास के खाली पड़े परिसर को हरित उद्यान में परिवर्तित कर दिया है। यहां कद्दू, लौकी, टमाटर, बैंगन, लोबिया, तरोई, खीरा, अरवी और पुदीना जैसी विभिन्न सब्जियों की जैविक खेती की जा रही है। बिना रासायनिक उर्वरकों के उगाई जा रही ये सब्जियां आत्मनिर्भरता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दे रही हैं।

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उद्यान में आम, कटहल और नींबू जैसे फलदार वृक्ष भी लगाए गए हैं, जो परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने तीन आम, दो पाखड़ सहित आठ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी कराया है, जिससे परिसर और अधिक हराभरा हो गया है।

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एसडीएम अनुराग सिंह का कहना है कि सीमित स्थान में भी छोटी-सी बगिया विकसित कर रसायन मुक्त सब्जियां और फल आसानी से उगाए जा सकते हैं। इससे परिवार को ताजा एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री मिलती है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।

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वे स्वयं लोगों को घरों की छतों, आंगनों और खाली स्थानों में पौधरोपण तथा जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घर में कुछ पौधे लगाए और छोटी बगिया विकसित करे तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

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जानिए क्या बोले स्थानीय लोग...

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद अनुराग सिंह का प्रकृति प्रेम और बागवानी के प्रति समर्पण सराहनीय है। उनकी यह पहल न केवल सरकारी आवासों के बेहतर उपयोग का उदाहरण है, बल्कि समाज को हरित विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने वाला प्रयास भी है।

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